
कवर्धा . जिले में इमरजेंसी सेवाएं दे रहे 108 व 102 के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जा रहा है न एरियर्स दिया जा रहा है। जबकि कर्मचारियों से 8 की जगह 12 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। इससे तंग आकर संजीवनी 108 व महतारी 102 के कर्मचारियों ने 5 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।
संजीवनी 108 व महतारी 102 के कर्मचारियों ने बताया कि अप्रैल 2017 से वेतन में बढ़ोत्तरी कर दी है। बढ़ोत्तरी के बाद कर्मचारी को हर महीने 14,820 रुपए सैलरी दिया जाना है। लेकिन जीवीके कंपनी अब भी उन्हें पुराने दर पर यानि ईएमटी को 9500 रुपए और पॉयलट को 9300 रुपए प्रतिमाह भुगतान कर रही है। इधर अप्रैल 2017 से लागू छग श्रम अधिनियम के तहत 8 घंटे की ड्यूटी के बाद अलग से ड्यूटी पर अतिरिक्त भत्ता दिया जाना है। यहां भी 108 व102 कर्मचारियों के साथ ज्यादती की जा रही है।
जिले में 11 महतारी 102 वाहन हैं, इसमें 42 कर्मचारी काम करते हैं। इन वाहनों के जरिए रोज औसतन 100 केस हैंडल किए जाते हैं। इसी तरह 5 संजीवनी 108 वाहन हैं। जिसमें 24 कर्मचारी कार्यरत हैं। 108 एंबुलेंस में रोज औसतन 40 केस हैंडल किया जाता है। ऐसे में यदि कर्मचारी के हड़ताल में चले गए तो स्वास्थ्य सुविधा पूरी तरह से ठप हो सकती है। मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में यह एंबुलेंस ही मददगार साबित होते हैं। सालभर में हजारों लोगों की जान बचाने कार्य इन महत्वपूर्ण एंबुलेंस के माध्यम से ही होता है।
मांगें पूरी नहीं होने से महतारी 102 और संजीवनी 108 के कर्मचारी नाराज हैं। नाराजगी के चलते वे सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने बताया कि कंपनी के उच्च अधिकारी केवल कोरा आश्वासन दे रहे हैं। वेतन विसंगति संबंधी अनेक बार ध्यानाकर्षण कराया गया जहां केवल मांगे पूरी कराने की बात कही जाती है, लेकिन निराकरण की ओर ध्यान नहीं दिया जाता ऐसे में परेशानी बढ़ गई है।
कर्मचारियों से 8 की जगह 12 घंटे ड्यूटी ले रहे हैं, लेकिन भत्ता नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि अक्टूबर 2017 में धरना प्रदर्शन के दौरान शासन ने वेतन के संबंध में हल निकालने का आश्वासन दिया था। महीनों निकल जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकलने पर अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है।
Published on:
04 Apr 2018 12:00 pm
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