16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

OMG! यहां स्टूडेंट कीचड़ से सराबोर होकर पहुंचते हैं स्कूल, जानिए क्या है सच्चाई

कवर्धा जिले में स्कूली बच्चे कीचड़ से सराबोर होकर स्कूल पहुंचते हैं। आइए जानते हैं इस खबर की सच्चाई।

2 min read
Google source verification
student with mud

कवर्धा. क्या आपने सुना है कि स्कूली बच्चे कीचड़ में सराबोर होकर स्कूल पहुंचते हैं। यह बात आपको अटपटी लग रही होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्कूली बच्चे कीचड़ से सराबोर होकर स्कूल पहुंचते हैं। आइए जानते हैं इस खबर की सच्चाई।

Read More: होटल के रूम में पकड़े गए तो लड़की ने कहा - हम कुछ भी करें इसमें बुराई क्या

दरअसल कवर्धा जिले के ग्राम पंचायत नवघटा हाई व मिडिल स्कूल के छात्र स्कूल तक पहुंचने के पहले कीचड़ से सराबोर हो जाते हैं। इससे समस्या को निदान करने कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पक्की सड़क नहीं होने के कारण कीचड़ व गंदगी के बीचे से होकर गांव के लोगों व बच्चों को आना जाना करना पड़ता है।

Read More: CCTV कैमरे लगाकर करता था ऐसा घिनौना काम, 10 युवक गए सलाखों के पीछे

नवघटा में मिडिल व हाई स्कूल का संचालन एक ही भवन में होता है। वहीं मेन रोड से करीब एक किमी दूर स्कूल भवन होने के कारण यहां के बच्चों को पैदल जाना पड़ता है। मेन रोड़ से स्कूल तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। इसके कारण अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Read More: सांप के कांटने के बाद थम गई थी सांस, हुआ चमत्कार और लौट आई मासूम की मुस्कान

पक्की सड़क नहीं होने के कारण यह जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। वहीं बारिश होने से गड्ढों में घुटने तक पानी भर जाता है। इसके कारण कई बार बच्चे गड्ढों में गिर जाते हैं। इससे वे कीचड़ व बारिश के पानी भी भीग जाते हैं। अधिक जर्जर मार्ग होने के बाद भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं किया जा रहा है।

Read More: बेटे की कांप गई रूह जब पानी में उतरा और पैर से टकराई मां व बहन की लाश

ग्रामीण भी परेशान
मेन रोड़ से शासकीय हाई व मिडिल स्कूल मार्ग पर लगभग गांव की आधे से अधिक जनसंख्या इसी मार्ग किराने रहते हैं, जो इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके कारण ग्रामीणों को भी इस मार्ग पर चलने में परेशानी होती है। दूसरी ओर मार्ग पर अधिक कीचड़ होने के कारण शिक्षकों को भी अपना वाहन मेन रोड़ पर छोड़कर स्कूल तक एक किमी तक पैदल जाना पड़ता है।

ये भी पढ़ें

image