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छाव के तलाश में भटक रहे यात्री, पोड़ी में यात्री प्रतिक्षालय तक की सुविधा नहीं

ग्राम पंचायत पोड़ी राजकीय राजमार्ग पर स्थित बड़ा कस्बा है। यात्री बसों से लेकर सैकड़ों वाहन यहां से होकर गुजरते हैं। इसके चलते २४ घंटे लोगों की चहलकदमी बनी रहती है। यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ इकट्ठा होने के बाद भी ग्राम पंचायत पोड़ी में अब तक यात्री प्रतिक्षालय का निर्माण नहीं हो सका है।

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छाव के तलाश में भटक रहे यात्री, पोड़ी में यात्री प्रतिक्षालय तक की सुविधा नहीं

छाव के तलाश में भटक रहे यात्री, पोड़ी में यात्री प्रतिक्षालय तक की सुविधा नहीं

पोड़ी. ग्राम पंचायत पोड़ी राजकीय राजमार्ग पर स्थित बड़ा कस्बा है। यात्री बसों से लेकर सैकड़ों वाहन यहां से होकर गुजरते हैं। इसके चलते २४ घंटे लोगों की चहलकदमी बनी रहती है। यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ इकट्ठा होने के बाद भी ग्राम पंचायत पोड़ी में अब तक यात्री प्रतिक्षालय का निर्माण नहीं हो सका है। आजादी के 75 वर्ष गुजर जाने के भी बाद भी यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण न हो पाना सबसे बड़ा दुर्भाग्य है।
जी हां हम बात कर रहे हैं ग्राम पंचायत पोड़ी का, जो कवर्धा जिले के ग्राम पंचायतों में सबसे चर्चित नाम है। लेकिन आज भी पोड़ी सहित अलग-अलग रुटों पर सफर करने वाले यात्रियों को यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा नहीं मिल पाई है। सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर नवीन रोड निर्माण सहित जिले के कई विभिन्न इलाकों में यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया, जहां यात्री रुकते भी नहीं और जहां यात्री प्रतीक्षालयों की जरूरत भी नहीं है, ऐसे स्थानों पर यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए, जो बेकार बदहाल हालात में पड़े हुए, लेकिन जहां सबसे ज्यादा जरुरत है ऐसे स्थानों पर प्रतिक्षालय का निर्माण नहीं हो सका है। ग्राम पोंडी में यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक भी यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण नहीं कराया गया है। बस स्टैंड में यात्री 43 डिग्री के तापमान में भी सड़क के किनारे खड़े होकर यात्री बस का इंतजार करते हुए आसानी से नजर आ जाते हैं। कई बार तो यात्री को चिलचिलाती धूप में घण्टों बस का इंतजार करना पड़ जाता है।
जक्शन होने के बावजूद सुविधा नहीं
पोड़ी को कवर्धा जिले का जक्शन कहा जा सकता है। क्योंकि पोड़ी में बिलासपुर- जबलपुर सहित कवर्धा व आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले हजारों लोग बसों और अन्य संसाधनों से आवागमन करते हैं। पोड़ी से रोजाना सैकड़ों बसों का आना जाना लगा रहता है। साथ ही बस के माध्यम से बिलासपुर-जबलपुर जाने के लिए पोड़ी एक मात्र स्थान है। जहां से आस-पास के सैकड़ों गावों के यात्री बस में आवागमन करने के लिए पोड़ी पहुंचते है, लेकिन यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने के चलते यात्री सड़क किनारे धूप सेकते हुए खड़े रहते हैं। इतनी चिलचिलाती धूप में यात्री छाव की तलाश में किराना दुकान, होटल व आस पास के दुकानों में छाव ढूंढते रहते हैं।