
बरबसपुर क्षेत्र के ग्रामीण बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उपेक्षित
कवर्धा. बरबसपुर. कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर सहित आसपास गांव के रहवासियों को मूलभूत सुविधाओं से हमेशा उपेक्षित करने का मलाल हैं। चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की सरकार। चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियों ने बड़े बड़े वादे किए, लेकिन क्षेत्र के ग्राम सिंघनपुरी, गांगचुवा, बीजाझोरी, डबराभाट, जरती, नाऊडीह, दौजरी, घुकसा, बरबसपुर लंबे समय से बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए क्षेत्र हमेशा उपेक्षित रहा है।
वैसे तो केंद्र और राज्य सरकार गांव के विकास के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं चला रही है। गांव के विकास के लिए जोर दिया जा रहा है, लेकिन कई ऐसे गांव हैं, जहां पर विकास दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है। मूलभूत सुविधाओं से आज भी क्षेत्र वंचित है। जैसे शिक्षा के लिए हायर सेकेण्डरी स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली, जर्जर सड़कें, शौचालय आदि के लिए बरबसपुर प्रभावित क्षेत्र भी है।
शौचालय का नहीं मिल रहा लाभ
शासन के महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत, स्वास्थ्य भारत के तहत राज्य के हर पंचायतों में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी शौचालय का लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है। बल्कि पंचायतों में बने शौचालय की वर्तमान स्थिति को देखकर बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब तक पंचायत स्तर पर कार्य पूर्ण हुआ है या नहीं।
क्षेत्र की सड़के बदहाल
ग्रामीणों ने बताया कि बरबसपुर क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर हो चुके हैं, जिनमें नाऊडीह से दौजरी, बीजाझोरी से बरबसपुर, डबराभाट से बरबसपुर, सिंघनपुरी से गांगचुवा पहुंचने वाली सड़क की हालत बहुत खराब है। इन पर पैदल चलना दूभर हो गया है। बरसात के दिनों में स्वास्थ्य सुविधा के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में गांव के लोग अपने ही साधन का सहारा लेते हैं। गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल ले जाना पड़ता हैं आपको बता दें कि बरबसपुर क्षेत्र में मात्र एक ही उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, जो ग्राम पंचायत बरबसपुर में स्थित है, जिसमें 9 गांव आते हैं और बरबसपुर पहुंच मार्ग जर्जर है, जिसके वजह से बीमार मरीजों को सीधा जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केन्द्र की मांग की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
सत्ता तो बदल गई है, लेकिन क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर नहीं हो पाई। क्षेत्र के विकास के लिए कई वादे किए, लेकिन बरबसपुर की पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी आज भी है, जिसके कारण क्षेत्रवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बेहतर इलाज के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालयों तक दौड़ लगानी पड़ती है, जिसमें आर्थिक और समय की हानि होती है।
क्षेत्र में स्वच्छता का बुरा हाल
गांवों में स्वच्छता अभियान का नामोनिशान नहीं हैं। गांव की गलियों में निकासी नाली का अभाव है। इसके चलते घरों से निकलने वाले निस्तारी का गंदा पानी गलियों में बह रहा है। लगातार गंदा पानी बहने से गलियों में मच्छर पनप रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में स्वच्छता अभियान का बुरा हाल है। पक्की नाली के अभाव में निस्तारी का गंदा पानी गलियों में बह रही है।
बिजली कटौती से परेशान
एक तो उमस भरी गर्मी, इसमें बिजली की आंख मिचौली। इसे लेकर उपभोक्ता हलकान है। बार-बार बिजली गुल होने से उपभोक्ता परेशान हैं। आए दिनों क्षेत्र के गांवों में बिजली की आंख मिचौली लगातार जारी है। कवर्धा विधानसभा सहित आसपास के गांवों में बिजली की आंख मिचौली एक खेल की तरह चल रहा है। इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से बिजली गुल से निजात मिल सके।
Published on:
28 Apr 2022, 12:26 PM IST
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