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परिजनों ने जिसका कर दिया था अंतिम संस्कार, 2 साल बाद पंजाब-पाक बॉर्डर पर मिला जिंदा

छत्तीसगढ़ के कवर्धा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां दो साल पहले जिसे मृत समझकर उसका दशगात्र कर दिया गया था वह सही सलामत पंजाब-पाकिस्तान बॉर्डर पर मिला।

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dead man alive in kawardha

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां दो साल पहले जिसे मृत समझकर उसका दशगात्र कर दिया गया था वह सही सलामत पंजाब-पाकिस्तान बॉर्डर पर मिला। पंजाब पुलिस, पंडरिया विधायक और स्थानीय रोजगार सहायक की पहल पर अब चार वर्ष बाद घर का मुखिया अपने गांव लौट रहा है। पंजाब पुलिस उसे लेकर जल्द कवर्धा आएगी।

दरअसल चार साल पहले कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत कांदावानी के आश्रित गांव छीरपानी के रामलाल पिता सुखलाल बैगा (50) चार वर्ष घर से बिना बताए कही चला गया था। उसके बाद उसकी कोई खोज खबर नहीं थी। परिजनों ने दो वर्ष तक इंतजार किया और उसे मृत मानकार दशगात्र कर दिया।

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उधर, मंगलवार को बीएसएफ ने पंजाब-पाकिस्तान बॉर्डर पर संदिग्ध हालत में एक व्यक्ति को पकड़कर पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया। जब उससे थाने में पूछताछ की गई तो उसने अपने घर का बताया। पंजाब पुलिस ने संपर्क साधकर परिजनों से बात कराई, जिससे यकीन हुआ कि जिसे मृत मानकर दशगात्र कर दिया गया था वह रामलाल सही सलामत है।

पूरी तरह से पहचान होने के बाद पंजाब पुलिस ने परिजनों को उसे लेने आने की बात कही। इस पर रामलाल की पत्नी ने अपनी गरीबी का हवाला देकर पंजाब आने पर असमर्थता जताई। इसके बाद पंजाब पुलिस रामलाल को लेकर छत्तीसगढ़ आने राजी हो गई। कुछ कागजी कार्रवाई के बाद रामलाल को उसके घर छोड़ दिया जाएगा।

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इस तरह से संपर्क साधा
रामलाल के बताए पते की खोजबीन करना मुश्किल था। ऐसे में पंजाब पुलिस ने पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर से संपर्क साधा। विधायक की पहल पर रोजगार सहायक गजेन्द्र माण्डले ने छीरपानी गांव जाकर रामलाल की पत्नी नानी बाई से इस बारे में पूछताछ की। जिसके बाद पंजाब के पुलिस इस्पेक्टर प्रमोद कुमार से रामलाल की पत्नी नानी से वीडियो कॉल पर बात करवाई। रामलाल ने अपने भाई, पत्नी व बच्चों के नाम बताए। इससे यकीन हो गया कि वह रामलाल ही है।

घर में खुशी का माहौल
चार साल के बाद रामलाल को जीवित और सही सलामत देखकर परिजन फूले नहीं समा रहे। रामलाल के चार लड़के और तीन लड़कियां हैं। इसमें एक लड़का और एक लड़की की शादी हो चुकी है। पंजाब पुलिस, विधायक और रोजगार सहायक की मदद से जल्द ही एक परिवार को खोया हुआ मुखिया मिल जाएगा।