
Kawardha News: जिला वन विभाग अब चुस्त दुरुस्त दिखाई पड़ रही है। इसके चलते वनों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अवैध कार्य करने वालों शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में वन विभाग की टीम ने दो आरोपी से 16 तोते के बच्चे बरामद किए।
वन मंडल अधिकारी शशि कुमार ने बताया कि वन्य प्राणियों के अवैध व्यापार को अंकुश लगाने वन विभाग सतत सजग रहता है। इसी क्रम में वन विभाग ने अपना गुप्तचर तंत्र भी सक्रिय कर रखा है। बीते दिनों गुप्तचर से तोते के बच्चे का अवैध व्यापार के उद्देश्य से परिवहन होने की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई। वन विभाग की टीम द्वारा कवर्धा की ओर आते एक बाइक को बांधा बैरियर में रोक कर जांच पड़ताल की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बोरे में 16 नग तोते के बच्चे को रखकर बेचने के उद्देश्य से कवर्धा ले जाया जा रहा है। वाहन व वन्य प्राणी तोते को तत्काल जब्त कर राजेंद्र वल्द सिद्ध राम निवासी गंगानगर कवर्धा और एक अन्य के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण दर्ज कर जांच की कार्यवाही की गई। प्रकरण में अभियुक्तों के रिमांड के लिए 22 अप्रैल 2024 को प्रकरण मुय न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अन्वेषण जारी है। अन्वेषण पूर्ण होने उपरांत अंतिम परिवाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
कानूनन अपराध
वन्य प्राणी तोता का घरों में पिंजरों में बंद कर पाला जाना एक आम बात है किंतु सर्व सामान्य को यह ज्ञात होना चाहिए की तोता एक वन्य प्राणी है जिसे वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षण प्रदान किया गया है। वन्य प्राणी तोते को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 2 में स्थान दिया गया है। तोता का शिकार करना व्यापार करना या पालना कानूनन अपराध है।
Published on:
23 Apr 2024 04:21 pm
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