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जानिए कैसे बनी कामुक प्रतिमाएं, कब बढ़ा मूर्तियों का SIZE

तीसरे युग्म की प्रतिमाओं में नारी जीवन को केन्द्रित किया गया है। इनमें जान भरने के लिए विशेष कारीगरी की गई है और इन सभी को गहराई तक गढ़कर बनाया गया है। 

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Widush Mishra

Mar 05, 2016

खजुराहो की मूर्तियों को छः युग्म में बांटकर देखा जाता है। क्या हैं ये युग्म और क्या है इनकी खासियत..? आइए mp.patrika.com आपको इस किश्त में बता रहा है उन तमाम सवालों के जवाब, जिनसे अब तक आप अनजान हैं।

ये थे छह युग्म:
पहला युग्म
पहले युग्म की प्रतिमाएं मंदिरों के गर्भगृह में नजर आती हैं। ये सभी समभंगा शैली में बनाई गई हैं। इनकी खासियत यह है कि इन मूर्तियों पर जितनी कलाकारी आगे से की गई है, उतनी ही पीछे से भी।

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दूसरा युग्म
दूसरे युग्म की मूर्तियां मंदिरों के अंदर और बाहर बने छोटे-छोटे घरों (स्थानीय भाषा में हम इन्हें आला कहते हैं) में बनी हैं। आलों में मुख्यत: देवी-देवताओं के साथ पौराणिक कथाओं को चित्रित करती मूर्तियां हैं।

तीसरा युग्म
तीसरे युग्म की प्रतिमाओं में नारी जीवन को केन्द्रित किया गया है। इनमें जान भरने के लिए विशेष कारीगरी की गई है और इन सभी को गहराई तक गढ़कर बनाया गया है। तीसरे युग्म की प्रतिमाओं में नारी जीवन की विविधता, सौंदर्य, भाव, नाग कन्याओं, देवदासियों और भंजिकाओं की रमणीयता को प्रमुखता से बताया गया है।

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चौथा युग्म
इस युग्म में कामकला से संबंधित प्रतिमाओं की बहुलता है। जैन मंदिर, वामन मंदिर, जगदम्बा मंदिर और चतुर्भुज मंदिर को छोड़कर शेष सभी मंदिरों में काम क्रीड़ा के दृश्य बहुतायत में हैं। इनमें भी मैथुन और आलिंगन करती प्रतिमाएं ज्यादा हैं।

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पांचवां युग्म
पांचवें युग्म की प्रतिमाएं पहले के चार युग्मों में मौजूद प्रतिमाओं से कुछ छोटी दिखाई पड़ती हैं। इनमें खासतौर पर गण, गंधर्व, विद्याधर और किन्नरों आदि की प्रतिमाएं मौजूद हैं। स्तंभों के ऊपर लगभग सभी मंदिरों में ऊपर की ओर बनीं पांचवें युग्म की ये प्रतिमाएं नीचे से देखने पर बड़ी ही रमणीय लगती हैं।


छठवां युग्म
इस युग्म में प्रतीकात्मक मूर्तियों को शामिल किया जा सकता है। जिनमें शार्दूल और कीर्ति मुख की मूर्तियां विशेष हैं। साथ ही इस युग्म में उन प्रतिमाओं को भी शामिल किया गया है, जो मंदिरों के चारों ओर समूहों में हैं। ये प्रतिमाएं तब के जीवनकाल का वर्णन करती हैं। हाथियों से लेकर घोड़े, ऊंट और दूसरे तमाम पालतू जानवरों की प्रतिमाएं भी इस युग्म के समूहों में हैं।

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