1 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेडिकल कॉलेज के 30 प्रतिशत अधूरे निर्माण पर 1 करोड़ का जुर्माना ठोंका

मध्यप्रदेश के खंडवा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण धीमा चल रहा है। पीआईयू ने निर्माण कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना ठोंका है। मार्च में पूरा होगा कॉलेज।

2 min read
Google source verification
30 incomplete construction of medical college fined Rs 1 crore khandwa

30 incomplete construction of medical college fined Rs 1 crore khandwa

खंडवा. मेडिकल कॉलेज भवन को बनाने में देरी हो रही है। अब तक केवल 70 प्रतिशत ही काम हुआ है। तय समय में भवन का काम पूरा नहीं होने पर पीआईयू ने गैनन डंकरली एंड कंपनी लिमिटेड मुंबई पर 99.3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह जानकारी गुरुवार पीआईयू के एपीडी ने दी। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण में देरी का कारण कंपनी ने जीएसटी बताया, पीआईयू ने उसकी दलीलें नहीं मानी हैं। एमसीआई की टीम ने भी अपने निरीक्षण में कॉलेज शुरू करने के लिए निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति को नाकाफ ी बताया था।

एडिशनल डायरेक्ट ने निरीक्षण किया
गुरुवार इंदौर से पीआईयू के एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर एपीडी कॉलेज के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने आए। पीआईयू के एपीडी ने शुक्रवार को भोपाल में प्रमुख सचिव के सामने होने वाली मेडिकल कॉलेज के निर्माण के प्रजेंटेशन के लिए जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एपीडी सीएस खरद ने कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम पूरा करने को निर्देश दिए।

७० फीसदी निर्माण ही हुआ
जानकारी के मुताबिक कॉलेज निर्माण की डेडलाइन 24 अगस्त 2017 बीत जाने के दो महीने बाद भी केवल 70 फ ीसदी काम ही हो पाया है। निर्माण कंपनी ने मेडिकल कॉलेज की कुल लागत 157.99 करोड़ में से केवल 80 करोड रुपए खर्च किया है। पीआईयू ने ठेकेदार को मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिला अस्पताल के अपग्रेडेशन के लिए समय बढ़ाकर 31 जनवरी 2018 कर दिया था। गुरुवार दोबारा रिवाइज करते हुए मेडिकल कॉलेज के लिए फरवरी और जिला अस्पताल के मार्च 2018 तय किया। निरीक्षण के दौरान पीआईयू के संभागीय कार्यपालन यंत्री एसके जैन, एसडीओ केएस सेन, साइट इंचार्ज यूएस दुबे शामिल रहे।
2018-19 में शुरू होगा मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट में देरी हुई है लेकिन सत्र 2018-19 में ही कॉलेज शुरू होगा। प्रोजेक्ट में देरी का कारण कंपनी ने जीएसटी बताया है। जिस पर शर्तों के तहत 99.3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। - सीएस खरद, एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टरए पीआईयू इंदौर