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ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन का नया सिस्टम, आमजन भी नक्शा लगाकर करवा सकेंगे पास

नगर निगम में एबीपीएएस-2 हुआ लागू...ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम-2 अब निगम में कर दिया गया है लागू, नए सिस्टम में भी आम आदमी को निगम द्वारा अधिकृत इंजीनियर और आर्किटेक्ट का बताना होगा नाम।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Nov 12, 2019

abpas-2: online building permission news

abpas-2: online building permission news

खंडवा. नगर निगम में सबसे ज्यादा मुश्किल नक्शा स्वीकृति का काम काफी सरल किया जा रहा है। निगम में नया सिस्टम लागू कर दिया गया है। इससे प्रक्रिया अब कुछ आसान होने की उम्मीद है।

11 नवंबर यानी सोमवार से निगम में नया सिस्टम लागू हो गया है। ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम-2 (एबीपीएएस-2) लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नक्शा स्वीकृति के लिए ये नया सिस्टम लाया गया है। इसमें नक्शा स्वीकृत होने योग्य है या नहीं, यह नक्शा लगाने के दस मिनट में स्पष्ट हो जाएगा। स्वीकृति योग्य नहीं होने पर सॉफ्टवेयर तुरंत रिजेक्ट कर देगा और फाइल वापस कर दी जाएगी। हालांकि नए सिस्टम में भी आम आदमी को निगम द्वारा अधिकृत इंजीनियर और आर्किटेक्ट, जिन्हें वह तय करेगा, उनका नाम बताना होगा। उसकी स्वीकृति के दस्तावेज भी लगाना होंगे। निगम में अब तक सॉफ्टटेक कंपनी के पास काम था, अब एबीपीएएस-2 सिस्टम को हैदराबाद की अक्षरा इंटरप्राइजेस कंपनी डील करेगी।

ये दिक्कतें भी
पूरा सिस्टम आम आदमी को नक्शा लगाने के हिसाब से डिजाइन किया गया है लेकिन नक्शे की जानकारी के साथ फॉर्म में भी नक्शे के मेजरमेंट के हिसाब से जानकारी भरना होगी। सभी तकनीकी जानकारी भी डालना होगी। इसमें आम आदमी को दिक्कतें आ सकती हैं।

दस्तावेज नहीं तो सिस्टम नक्शा नहीं लेगा
पूरा सिस्टम एक सर्वर से चलेगा। सर्वर में नियमों, मास्टर प्लान, टीएंडसीपी से मंजूर कॉलोनियों के ले-आउट सहित सभी जानकारी फीड है। नक्शे के साथ रजिस्ट्री, लिंक रजिस्ट्री, नामांतरण, टीएंडसीपी के दस्तावेज, संपत्ति व जलकर रसीद स्कैन कर लगाई जाएगी। छोटे प्लॉट के नक्शों की डिजाइन भी रहेगी। व्यक्ति नक्शा लगाते समय इन डिजाइन में से एक सिलेक्ट कर दस्तावेजों की स्कैन कॉपी सबमिट कर सकेगा। ये प्रक्रिया चार स्टेप्स में बने डिजिटल फॉर्म सहित ऑनलाइन दर्ज होगी। फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज नहीं लगाया तो सिस्टम नक्शा नहीं लेगा।

तीन दिन लंबित रहने पर मैसेज से अलर्ट
नक्शा लगते ही सिस्टम नियमों की कसौटी पर सर्च के बाद तय कर देगा कि वह पास करने योग्य है या नहीं। पास करने योग्य होने पर अफसरों के पास डिजिटल हस्ताक्षर के लिए बढ़ा देगा। किसी अफसर के पास नक्शा तीन दिन से ज्यादा लंबित रहेगा तो उसके मोबाइल पर इसके मैसेज आते रहेंगे। नक्शा स्वीकृत होते ही फीस भी सिस्टम तय कर सूचना संबंधित को भेज देगा। फीस भरने की पुष्टि होते ही नक्शे की मंजूर प्रतिलिपि ऑनलाइन संबंधित को भेज दी जाएगी। चल रहे सिस्टम की बजाय इसमें सरलीकरण के दावे किए जा रहे हैं।

- बदलाव के साथ लागू
एबीपीएएस-2 के लिए संबंधित कंपनी के कर्मचारी आ गए हैं। वो सिस्टम पर अपडेट कर रहे हैं। नई प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। आमजन के लिए ये लाभकारी होंगे।
अंतरसिंह तंवर, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, ननि