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शादी का झांसा देकर नाबालिग से किया बलात्कार फिर अदालत ने सुनाई ये सजा

मांधाता थाना क्षेत्र के 14 माह पुराने मामले में आया फैसला, घटना 4 अगस्त 2018 की है।

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Accused of raping a minor on the pretext of marriage, sentenced to ten years

Accused of raping a minor on the pretext of marriage, sentenced to ten years

खंडवा. नाबालिग को शादी का झांसा देकर साथ ले जाकर जबरदस्ती बलात्कार करने के प्रकरण में मंगलवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया है। घटना 4 अगस्त 2018 की है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट किरण सिंह की कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी महेंद्र उर्फ रामू पिता भावसिंह (20) निवासी बखरगांव को दस वर्ष के सश्रम कारावास और छह हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी कर रहे जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया 4 अगस्त 2018 की शाम करीब 7 बजे 15 वर्षीय नाबालिग घर में खाना बना रही थी। वहीं परिजन घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान वह बैग में कपड़े लेकर पीछे के दरवाजे से गायब हो गई। परिजन ने घर में जाकर देखा तो नहीं मिली। रिश्तेदारों के घर जानकारी निकाली, लेकिन कोई पता नहीं चला। पीडि़ता की मां ने मांधाता थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की।

बड़वानी व बखरगांव में रखा था नाबालिग को
शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान पीडि़ता के आरोपी महेंद्र के कब्जे से मुक्त कराया गया। पीडि़ता ने अपनी मां को बताया आरोपी महेंद्र शादी करने का झांसा देकर साथ लेकर गया था। चार दिन तक बखरगांव में रखा। यहां उसने बलात्कार किया। इसके बाद बड़वानी लेकर गया। वहां किराये का कमरा लेकर रखा। आरोपी चाय की दुकान पर काम करने लगा। इस बीच उसने जबरदस्ती कई बार बलात्कार किया। मना करने पर शादी करने का झांसा देता था। पीडि़ता के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार का प्रकरण दर्ज किया था।

गैरइरादतन हत्या के आरोपी को एक वर्ष की सजा

सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी केके निनामा की पुनासा कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए आरोपी सज्जाद पिता मुजाद (20) निवासी केलवा बुजुर्ग को एक वर्ष के कारावास और 600 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में पैरवी एडीपीओ धीरेंद्र सिंह चौहान ने की। मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ मो. जाहिद खान ने बताया 30 मार्च 2013 को रवि पिता नारायण निवासी सुलगांव अपने छोटे भाई राम को कक्षा 10वीं की परीक्षा का पेपर दिलाने के लिए पुनासा लेकर गया था। परीक्षा होने के बाद दोनों भाई बाइक से घर लौट रहे थे। तभी केलवा वितरण शाखा नांदियाखेड़ी के पास दोपहर करीब 12 बजे सामने से तेज रफ्तार में आ रहे गामा वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में रवि और राम गंभीर घायल हुए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने रवि को मृत घोषित कर दिया। इसी मामले में नर्मदानगर पुलिस ने गामा चालक सज्जाद के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया था।

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