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प्रशासन की टीम ने 46 एकड़ चारागाह की भूमि खाली करवाई

जिला प्रशासन की सख्ती के बाद अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व अधिकारीफील्ड में उतरे। गुरुवार को प्रशासन की टीम ने चारागाह की 45 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Jun 23, 2023

Administration team vacated 46 acres of pasture land

Administration team vacated 46 acres of pasture land

खंडवा. कई साल से कब्जा कर कपास की खेती कर रहे कब्जाधारियों ने कार्रवाई से पहले बेदखली की नोटिस जारी की गई । इसके बाद भी जमीन नहीं खाली की। राजस्व अमले ने पुलिस बल के सहयोग से जमीन खाली कराई। इसकी अनुमानित कीमत सवा करोड़ रुपए से ज्यादा है। जबकि बाजार मूल्य डेढ़ से दो करोड रुपए बताई जा रही है। पुनासा तहसील क्षेत्र के मोहना सर्किल में कालिया खेड़ी गांव में भूमि ( खसरा नंबर 123, 186 ) पर लंबे समय से आठ लोग कब्जा कर खेती कर रहे थे। अतिक्रमण की 46 एकड़ भूमि शासकीय चारागाह के नाम खसरे पर दर्ज है।

करीब एक साल पहले तहसील में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रकरण दायर किया गया। नायब तहसीलदार ने पटवारी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर राजस्व कोर्ट में प्रकरणों की सुनवाई की। राजस्व कोर्ट में बेदखली की कार्रवाई के आदेश के बाद भूमि खाली करने आठ लोगों को नोटिस दी गई। इसके बाद भी भूमि खाली नहीं की। तहसीलदार क्षेत्र के कई थानों की पुलिस और जिला मुख्यालय से पुलिस बल बुलाकर सुबह आठ बजे ट्रैक्टर लेकर कालिया खेड़ी गांव पहुंचे। भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कपास को ट्रैक्टर से जोतकर भूमि खाली कराई गई। अतिक्रमण मुक्त की कार्रवाई करीब साढ़े चार घंटे तक चली। कार्रवाई के दौरान आस-पास के कई गांवों के पटवारियों के साथ कोटवारों को भी बुलाया गया था।

इनका था कब्जाआदेश के अनुसार श्रीराम पिता बृहलाल, भैयालाल पिता भगवानदास, श्रीराम पिता दशरथ लाल, गोरेलाल पिता ओंकार, संतोष पिता नंदराम, महेन्द्र पिता नंदराम, हरे सिंह पिता शोभाराम का कब्जा रहा।
पंद्रह दिन सूचना के बाद भी बो दिए कपासपुनासा तहसील में अतिक्रमण कारियों के खिलाफ एक साल से सुनवाई चल रही थी। पंद्रह दिन पहले शासकीय भूमि पर बेदखली की कार्रवाई की सूचना दी गई। इसके बाद भी कब्जा धारियों ने कपास की बोवनी कर दी। ज्यादातर एरिया में कपास की लंबे समय से खेती कर रहे। अतिक्रमण हटाने के दौरान ट्रैक्टर से कपास की जोताई कर दी गई। कपास की खेती को नष्ट कर भूमि पंचायत की देखरेख में सुपुर्द कर दी गई है।

शासकीय जमीन पर करीब आठ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। राजस्व कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई के बाद बेदखली की नोटिस दी गई। इसके बाद भी खाली नहीं करने पर पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई कर शासकीय भूमि खाली कराने की कार्रवाई की गई।

नरेन्द्र मुवेल, नायब तहसीलदार, पुनासा
खंडवा. कई साल से कब्जा कर कपास की खेती कर रहे कब्जाधारियों ने कार्रवाई से पहले बेदखली की नोटिस जारी की गई । इसके बाद भी जमीन नहीं खाली की। राजस्व अमले ने पुलिस बल के सहयोग से जमीन खाली कराई। इसकी अनुमानित कीमत सवा करोड़ रुपए से ज्यादा है। जबकि बाजार मूल्य डेढ़ से दो करोड रुपए बताई जा रही है।

पुनासा तहसील क्षेत्र के मोहना सर्किल में कालिया खेड़ी गांव में भूमि ( खसरा नंबर 123, 186 ) पर लंबे समय से आठ लोग कब्जा कर खेती कर रहे थे। अतिक्रमण की 46 एकड़ भूमि शासकीय चारागाह के नाम खसरे पर दर्ज है। करीब एक साल पहले तहसील में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रकरण दायर किया गया। नायब तहसीलदार ने पटवारी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर राजस्व कोर्ट