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27 साल बाद फिर मिले एकसाथ, क्लासरूम में पहुंचकर ताजा की यादें

एल्युमनाइ...एसएनपीजी कॉलेज से वर्ष-1991-92 में उत्तीर्ण हुए थे, दिल्ली, बैंगलुरु सहित देशभर के छात्रों ने दी दस्तक।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Sep 22, 2019

alumni meet in snpg college khandwa

alumni meet in snpg college khandwa

खंडवा. कॉलेज की वे यादें फिर से ताजा हुई, जब क्लासरूम में प्रोफेसर्स से जो सबक सीखे थे, वो आज काम आ रहे हैं। कैंपस में उन यादों ने मन को छुआ, जहां दोस्तों के साथ सुनहरे लम्हों को जिया था।

जिले के अग्रणी एसएनपीजी कॉलेज में पूर्व छात्र (एल्युमनाइ) शनिवार को हुई। यहां वर्ष 1991-92 में बीएससी ग्रुप के उत्तीर्ण छात्र फिर जुटे। अब इनमें से कोई सरकारी जॉब में है तो कोई एडवोकेट, कोई बिजनेसमैन तो कोई कृषि विशेषज्ञ है। रंजन जैनी, जितेंद्र सोलंकी व अन्य ने बताया कि हमें जिन प्रोफेसर्स ने पढ़ाया था, उनमें से तो अब कम ही यहां बचे हैं लेकिन कुछ से हमने बात की, बहुत अच्छा लगा। क्लास रूम में पहुंचे तो सारी यादें ताजा हो गईं। 27 साल बाद यूं सबका मिलना, अपने आप में अनूठा अहसास दिला गया।

...और इधर, प्राचार्य ने दी सीख- मात्र कहने या सुनने भर से स्वच्छता नहीं आ सकती, आत्मप्रेरणा, संवदेना जरूरी है
माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (जीडीसी) में विश्व स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशों के तहत आयोजन में स्टाफ व छात्राओं ने सहभागिता की। प्राचार्य डॉ. गीताली सेनगुप्ता ने छात्राओं को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि मात्र कहने या सुनने भर से स्वच्छता नहीं आ सकती, इसके लिए आत्मप्रेरणा, संवदेना जरूरी है। छात्राओं को महाविद्यालय में हर जगह मौजूद डस्टबिन का उपयोग करना चाहिए। संकल्प भी दिलवाया गया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मोहिनी सकरगाये ने स्वच्छता का महत्व बताते हुए सरकार के स्वच्छता कार्यक्रम की सराहना की तथा जिस तरह से हम अपने घर को स्वच्छ रखते हैं, महाविद्यालय को भी अपना समझकर स्वच्छ रखने का संदेश दिया। संचालन करते हुए डॉ. बीएल भाटे ने छात्राओं को स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ परिवेश से बनने वाले स्वच्छ भविष्य के बारे में समझाया। कैंपस में सफाई भी की गई। परिसर की स्वच्छता से मन पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव से अवगत कराया। डॉ. कुलदीप सिंह फरे, डॉ. नुजहत कुरैशी, प्रो. राजश्री जैन, डॉ. कुमुद दुबे, डॉ. अकिला कुरैशी, डॉ. संजय राने, डॉ. बसंत सोनी, डॉ. नीलू अग्रवाल, प्रो. ललिता गोयल, डॉ. सीमा मंडलोई, प्रो. शरद शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।