
Anganwadi worker fed up with illness committed suicide
खंडवा. बीमारी से तंग एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने खुदकुशी कर ली है। उसका शव शनिवार की सुबह कुएं में तैरता मिला। पुलिस जांच में एक सुसाइड नोट भी सामने आया है, जिसमें आत्महत्या का कारण बीमारी बताई गई है। हालांकि इस सुसाइड नोट की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वह मृतका ने लिखा या किसी की साजिश है? पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराते हुए परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। इस मामले में मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाए हैं।
पता चला है कि थाना पदमनगर अंतर्गत डिगरिस गांव की रहने वाली सपना सेन पत्नी देवेंद्र सेन (40) गांव की ही आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता थी। उसका पति खंडवा शहर में सैलून चलाता है और सास बेबी सेन भी आंगनबाड़ी में सहायिका है। शुक्रवार की रात देवेन्द्र घर लौटा तो सपना नहीं मिली। तलाश के बाद पुलिस के पास गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद भी सब तलाश करते रहे। शनिवार के तड़के पता चला कि सपना का शव पास के गांव के एक कुएं में तैर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची तो जांच में पता चला कि शुक्रवार की सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट जाने के लिए सपना स्कूटी से निकली थी, लेकिन घर नहीं लौटी।
सुसाइड नोट में लिखी हकीकत
मैं सपना सेन, ग्राम डिगरिस की। मेरा 3 साल पहले भी डॉ. दीपक से मनोचिकित्सक का इलाज चला था। मैं अपने शरीर के कारण हार गई हूं एवं अपना मानसिक संतुलन खोने के कारण आत्महत्या कर रही हूं। इसका दोषी किसी को न ठहराया जाए। परिवार वालों ने मेरा बहुत अच्छा ध्यान रखा। मैं खुद ही अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही हूं। श्री शिवाय नमस्तुभ्यम... मेरे मोक्ष के लिए गाय दान कर देना। अपनी अल्सर की बीमारी से भी परेशान हूं। घर वालों को काम करता देख बोझ नहीं बनना चाहती।
भाई ने लगाए आरोप
पुलिस का कहना है कि सपना की बड़ी बेटी 13 वर्ष है और छोटीह 10 साल की। उसकी शादी को 15 वर्ष हो चुके हैं। इस मामले में सपना के भाई महेंद्र सेन ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसकी बहन को मार डाला। उसे बहुत परेशान करते थे। हम लोगों से पैसे मांगते थे। मानसिक प्रताड़ना देकर उसे परेशान कर दिया था।महेन्द्र का कहना है कि अगर उसकी बहन मानसिक रोगी होती तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होते हुए उसे अवार्ड कैसे मिलता?
Published on:
02 Oct 2022 01:10 pm
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