
baba arrested by blackmailing porn videos in khandwa
खंडवा. तंत्र-मंत्र के जरिए गृह क्लेश दूर करने का झांसा देकर महिलाओं का शारीरिक शोषण करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले पाखंड़ी बाबा को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी बाबा सुशील तिवारी निवासी चीराखदान से पुलिस मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ में बाबा ने खुद को ज्योतिषी बताया है। साथ ही लोगों के घर पूजा-पाठ करने की बात कही। इधर, पीडि़ता ने बाबा पर आरोप लगाए है कि वह तंत्र-मंत्र के झांसे में फंसाकर कई महिलाओं के साथ गंदा काम कर चुका है।
पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश करता है और उसके बाद दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाता है। इसी अश्लील वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर महिलाओं का शारीरिक शोषण कर रहा है। हालांकि मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी सुशील तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बाबा बोला- महिला ने मांगे थे 10 लाख रुपए
इधर, गिरफ्तार हुए आरोपी बाबा सुशील तिवारी ने थाने में बताया शिकायतकर्ता पीडि़त महिला और उसके परिवार से लंबे समय से पारिवारिक संबंध है। अक्सर पीडि़ता के पति, बहन सहित अन्य परिवार के सदस्यों से बात होती रहती है। इसी बीच महिला ने मकान बनवाने के लिए दस लाख रुपए की मांग की थी। मैंने रुपए देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा दी।
ये था पूरा मामला
कावेरी विहार क्षेत्र निवासी 30 वर्षीय महिला ने गुरुवार को कोतवाली थाने पहुंचकर बाबा सुशील तिवारी के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज कराया था। शिकायत में पीडि़ता ने बताया था कि पति से अनबन चलने के कारण गृह क्लेश दूर कराने बाबा के पास गई थी। इसी का फायदा उठाकर बाबा ने माताचौक स्थित मकान में बुलाया। जहां पानी पिलाया। पानी पीने के बाद बेहोश होने के बाद उसने गंदा काम किया और अश्लील वीडियो बना लिया। अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। साथ ही अक्सर मिलने आने का दवाब बना रहा था। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने सुशील के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
पीडि़ता बोली-मैं प्यार करती हूं, कोर्ट ने नहीं मानी सहमति
खंडवा. नर्मदानगर थाना की पुनासा पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बडऩगर के दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाया। मामले में सुनवाई के दौरान नाबालिग पीडि़ता कोर्ट के समक्ष बोली-मैं आरोपी से प्यार करती हूं। अपने माता-पिता से भी आरोपी के साथ विवाह कराने का बोला था, लेकिन परिजन ने उम्र कम होने पर विवाह नहीं कराया। इसी बात से पीडि़ता परिजन से नाराज थी। मामले में अदालत ने पीडि़ता की उम्र 16 वर्ष से कम मानकर आरोपी द्वारा किया गया अपराध गंभीर माना। साथ ही नाबालिग पीडि़ता द्वारा आरोपी से प्यार करने की स्वीकारोक्ति को महत्व नहीं दिया। इसी आधार पर विशेष न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे की कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए आरोपी हेमराज पिता उदयसिंह (22) निवासी बडऩगर को 20 वर्ष के कारावास और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। प्रकरण में शासन की ओर से एडीपीओ चंद्रशेखर हुक्मलवार ने पैरवी की।
Published on:
16 Mar 2019 01:27 am
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