खंडवा. अधिकार और हक को लेकर लोगों में बीते सालो में जागरुकता आई है। पीडि़त या ठगे जाने पर अब उपभोक्ता घर नहीं बैठते हैं वे सीधे लड़ाई लड़ रहे हैं। फिर चाहे बात दो रुपए की हो या फिर दो हजार की। फोरम में हर साल 200 के करीब शिकायतें आ रही है। जो निश्चित ही अधिकारों के प्रति बुलंद आवाज है।
यह बात पत्रिका से खास बातचित में जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष इंद्रा सिंह ने कही। अध्यक्ष सिंह ने कहा व्यापारी, दुकानदार, सेवा प्रदत्ता कंपनी अधिकारों का हनन करे तो चुप नहीं बैठना है। इस साल फोरम के पास 199 शिकायतें आई। इसमें 110 का निराकरण हो चुका है। फिलहाल 89 प्रकरणों पर सुनवाई की जा रही है। इन प्रकरणों में 20 लाख से अधिक क्षतिपूर्ति राशि पीडि़तों को दी गई है।
खंडवा में 26 साल में 4867 शिकायतें
जिला उपभोक्ता फोरम में की शुरूआत 1988 में हुई थी। शुरूआती ती साल में कोई प्रकरण नहीं आए। वर्ष 1991 में 11 प्रकरण पहुंचे। इसके बाद लगातार यह क्रम बढ़ता गया। इन सालों में सर्वाधिक वर्ष 2000 में 328 प्रकरण दर्ज हुए और सबसे कम 147 प्रकरण 2005 में आए थे। कुल 26 साल में 4867 प्रकरण पहुंचे इसमें से 4750 का निराकरण हुआ।
एेसे करे फोरम में शिकायत
- ग्राहक सेवा में कमी या फिर खराब समान से परेशान है तो सीधे फोरम पहुंचे।
- सादे कागज पर शिकायत लिखे, इसमें पूरी जानकारी स्पष्ट लिखी हो।
- खरीदी-बिक्री का बिल की कॉपी लगाए।
- बीपीएल को कोई शुल्क नहीं देना है।
- पांच लाख तक के प्रकरण में 100 रुपए फीस है।
- 20 लाख के प्रकरण में 500 रुपए फीस निर्धारित है।
पैसे न बचाए, पक्का बिल लें
- महंगी हो या सस्ती वस्तु उसका पक्का बिल लें।
- ग्राहक वेट या सेलटेक्स बचाने के चक्कर में बिल नहीं लेते हैं।
- व्यापारी बिना बिल का माल बेचते हैं जिसे न खरीदें।
- दस्तावेज पूरे हैं तो केस मजबूत होगा।
- सर्विस सेंटर में रिपेयरिंग की भी स्लीप लगाए।