28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंगाली डॉक्टर की क्लिनिक पर छापा, केस दर्ज, पुलिस ने किया गिरफ्तार

 सीएमएचओ की विशेष टीम ने खालवा में धरपकड़ शुरू की बंगाली डॉक्टर पर 420, 419 व 24.21 के तहत केस दर्ज

2 min read
Google source verification

image

Editorial Khandwa

Sep 23, 2016

Bengali doctor's clinic raided, cases, arrested by

Bengali doctor's clinic raided, cases, arrested by police..

खंडवा/खालवा.
आखिर कुपोषण से छह मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग आक्रमक हुआ। खालवा क्षेत्र के फर्जी डॉक्टर कार्रवाई की जद में आए। यहां बंगाली डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हुए मिला। छापामार कार्रवाई में दवाइयां बड़ी मात्रा में मिली। बीएमओ शैलेंद्र कटारिया ने थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने डॉक्टर को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।


गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. जेएस अवास्या की विशेष टीम के प्रभारी बीएमओ डॉ. शैलेंद्र कटारिया फर्जी डॉक्टरों की धरपकड़ के लिए निकले। खालवा में ही बंगाली डॉक्टर मंजीत राय पिता मंतोष राय निवासी गंगनापुर जिला नदिया पश्चिम बंगाल की क्लिनिक पर छापामार कार्रवाई की। मरीजों के इलाज के साथ ही यहां बड़ी मात्रा में प्रतिबधित दवाइयां मिली। खालवा पुलिस को बुलाकर पंचनामा बनाकर जब्ती की और डॉक्टर के खिलाफ धारा 420, 419, 24/21 मध्यप्रदेश औषधि अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

...आखिर इन्हें क्यों छोड़ दिया!


स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल यह उठता है कि आखिर एक सप्ताह पहले जिन तीन डॉक्टरों की क्लिनिकों पर छापे मारे थे। उन्हें बिना कार्रवाई के क्यों छोड़ दिया? विभागीय सूत्र बताते हैं कि उन्हें खानापूर्ति के लिए नोटिस जारी किए गए। अब यह खार के आकाश बैरागी, एएस तोमर, व भगवानपुरा के रामनारायण उपाध्याय पर कार्रवाई कर छोड़ दिया है।

साहब...मछलियों पर रहम क्यों?


कुपोषण के लिए खुख्यात हो चुके खालवा में 100 से अधिक फर्जी डॉक्टर सक्रिय है। क्षेत्र की ढाई लाख से अधिक जनसंख्या में यह डॉक्टर खुलेआम भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। कुपोषण से मौत का मामला उठा तो अफसर अब दौड़ लगा रहे हैं जबकि समय रहते ध्यान ही नहीं दिया। खासकर यहां पटाजन, रोशनी, आशापुर, देवलीकलां, खार में डॉक्टरों की संख्या अधिक है।

जारी रहेगी कार्रवाई


- खालवा में लगातार फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को बक्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरा ध्यान बच्चों को केंद्र में भर्ती कराने के साथ ही उपचार पर ध्यान है।
- डॉ. जेएस अवास्या, सीएमएचओ खंडवा

ये भी पढ़ें

image