खंडवा. मुंबई- हावड़ा रेल मार्ग के खंडवा स्टेशन पर कोयले से भरा एक बॉक्स 10 महीने से धधक रहा था। सुरक्षा की बात करें तो वक्त बीतने के साथ खतरा बढ़ता रहा था। पत्रिका ने इस मामले को राज्य स्तर पर प्रमुखता से प्रकाशित किया और मंडल स्तर के रेल अधिकारियों को इस ओर ध्यान कराया। जिसके बाद तीन दिन में ही धधक रहे इंजन को हटाने के आदेश हुए और शुक्रवार की शाम इस बॉक्स की आग बुझाने के बाद उसे इंजन में लगाकर रवाना कर दिया गया। कोयले का बॉक्स संबंधित प्लांट के लिए रवाना करने की पुष्टि स्टेशन प्रबंधक जीएल मीना ने की है।
तीन मंडल का एक स्टेशन
खंडवा रेलवे स्टेशन रेल मंडल भोपाल, रतलाम और भुसावल तीनों के अंतर्गत आता है। इसी रेलवे स्टेशन के यार्ड की सिक लाइन में कोयले से भरा एन बॉक्स खड़ा था। 10 महीने धधक रहे इस बॉक्स से जब धुआं तेज उठता तो रेल अफसर पानी लेकर आग बुझाने को दौड़ते थे। इसका स्थायी समाधान होने से अब राहत मिलेगी।
वाणी से आया था रैक
रेलवे ने बताया था कि वाणी महाराष्ट्र से कोयले का एक रैक 7 जनवरी 2022 को खंडवा आया था। इस रैक को स्थानीय पाॅवर प्लांट भेजना था। रैक के एक एन बॉक्स का वेयरिंग खराब होने से उसे अलग कर दिया। मरम्मत के बाद 16 जनवरी को कोयले का बॉक्स सुधार दिया गया था। बॉक्स सुधरने के बाद इसे ले जाने के लिए अंडर लोड या प्लांट तक जाने वाली कोई गाड़ी नहीं मिली। इसलिए इसे सिक लाइन में रख दिया गया था।
खबर के बाद लिखी चिट्ठी
पत्रिका की खबर देखने के बाद जीआरपी खंडवा के निरीक्षक बीबीएस परिहार ने स्टेशन प्रबंधक जीएल मीना को चिट्ठी लिखकर इस रैक को हटाने के लिए कहा था। चिट्ठी में सुरक्षा कारणों का हवाला जीआरपी की ओर से दिया गया था।