
एसडीएम ने पंधाना नगर परिषद में घरेलू सिलेंडर का पकड़ा अवैध भंडारण
खंडवा. शहर के घासपुरा में धमकाने के बाद अफसरों की लापरवाही पर सरकार सख्त हो गई है। शुक्रवार को संभागायुक्त माल सिंह ने खाद्य विभाग की लापरवाही पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ( जेएसओ ) अमित चौहान को सस्पेंड कर बुरहानपुर जिला मुख्यालय पर अटैच कर दिया है। मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी ( डीएसओ ) अरुण कुमार तिवारी से रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन की फौज शुक्रवार को भी छापामार कार्रवाई की। टीम ने शहर स्थित मंत्री विजय शाह की दिव्यादित्य शक्ति गैस एजेंसी पर रिकार्ड खंगाले। दूसरी टीम ने जांच के दौरान छैगांव माखन ब्लाक में अहिंसा गैस एजेंसी के स्टॉक में अंतर मिलने पर एफआइआर दर्ज कराया है।शहर में रामनगर, आनंद नगर, सिगाड़ तलाई समेत अन्य कई जगहों पर छापामार कार्रवाई की। टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। पंधाना एसडीएम कुमार शानू देवड़िया ने सूचना मिलने पर तहसीलदार को भेजकर जांच कराई। एसडीएम ने दबिश देकर अतीक हुसैन शाह वार्ड क्रमांक-14 नगर परिषद के सामने पक्के मकान में रखे चालीस सिलेंडर जब्त की कार्रवाई कर प्रकरण पंजीबद्ध कराया है। जब्त किए गए सिलेंडर सीज कर दिया गया है। राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दे रही है। कई जगहों खाली हाथ लौटना पड़ा। लगातार दूसरे दिन कार्रवाई की सूचना से अवैध गैस सिलेंडर रखने वालों में अफरा-तफरी मची है।
हर माह साठ हजार उज्ज्वला उपभोक्ताओं के सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग
जिले में घरेलू गैस सिलेंडर से छोटे में रिफिल का अवैध कारोबार यू ही नहीं हो रहा है। दरअसल, साठ हजार से अधिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं के हिस्से के सिलेंडरों का उपयोग कालाबाजारी के रूप में हो रहा है। कई उपभोक्ताओं की रिकार्ड एजेंसी संचालकों या फिर उनके हॉकरो के पास रहता है। उज्ज्वला कनेक्शन में हर माह रिफिल नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के नाम पर गैस एजेंसी संचालक ब्लैक कारोबार कर रहे हैं। जिले में तीन लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। इसमें सामान्य कनेक्शन के उपभोक्ताओं को छोड़ दे तो 1.98 लाख उपभोक्ता उज्ज्वला गैस कनेक्शन के हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार उज्ज्वला कनेक्शन में औसत 35-40 फीसदी उपभोक्ता यानी साठ हजार से अधिक उपभोक्ता रिफिल नहीं करा रहे हैं। इन उपभोक्ताओं के हिस्से की गैस बाजार में कालाबाजार हो रही है। गैस कंपनियों के सेल्समैन भी व्यापार कम नहीं हो, इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। खाद्य विभाग की जांच में एजेंसी में स्टॉक और उपभोक्ताओं के दस्तावेज के आधार पर रिपोर्ट आल इज वेल रहती है
खाद्य अधिकारियों ने किया मंथन, तय नहीं कर सके एजेंसी
घासपुरा मामले में मलबे से मिले सिलेंडरों के मामले में आरोपी राजेश पवार को जेल भेजने के बाद सिलेंडर किस कंपनी के हैं, इसका पता चल गया है। लेकिन अभी ये सिलेंडर किस एजेंसी के हैं इसकी जवाबदेही तय नहीं हो सकी है। दरअसल, पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई एजेंसी संचालकों के नाम बताए हैं। आरोपी के पूछताछ के आधार पर अधिकारी अभी एजेंसियों के स्टॉक का मिलान कर रहे हैं। मिलान करने के बाद जवाबदेही तय हो सकती है। जिले में भारत की दस, एचपी की 12 और इंडेन की आठ एजेंसियां हैं। अभी तय नहीं हो पाया है कि किस एजेंसी की टंकियां हैं। जब्त की गई टंकियां को प्रशासन ने सील कर दिया है। इसके बाद एजेंसियों में स्टाक का सत्यापन करने में जुटे हैं। छैगांव माखन में स्टॉक मैच नहीं करने पर फौरी तौर पर एफआईआर दर्ज कराकर जांच की जा रही है।
Published on:
30 Dec 2023 10:29 am
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