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मिलने बुलाया और अपमानित कर भगाया, दी लायसेंस निरस्त की धमकी

-सेवा प्रदाताओं ने लगाया जिला पंजीयक पर अभद्रता का आरोप-जिला पंजीयक ने कहा कोर्ट के समय आए थे, इसलिए किया था मिलने से मना-सर्विस प्रोवाइडर्स ने की बार एसोसिएशन से शिकायत, आज मिलेंगे कलेक्टर से

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खंडवा

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Manish Arora

Feb 27, 2020

मिलने बुलाया और अपमानित कर भगाया, दी लायसेंस निरस्त की धमकी

-सेवा प्रदाताओं ने लगाया जिला पंजीयक पर अभद्रता का आरोप-जिला पंजीयक ने कहा कोर्ट के समय आए थे, इसलिए किया था मिलने से मना-सर्विस प्रोवाइडर्स ने की बार एसोसिएशन से शिकायत, आज मिलेंगे कलेक्टर से

खंडवा. जिला पंजीयक कार्यायल में सेवा प्रदाताओं और जिला पंजीयन अधिकारी के बीच विवाद की खाई बढ़ती जा रही है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सेवा प्रदाता मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जिसके चलते पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री भी नहीं हो पा रही है। वहीं, बुधवार को हड़ताली सेवा प्रदाताओं ने जिला पंजीयक पर गंभीर आरोप लगाए। सेवा प्रदाताओं का कहना था कि डीआर ने मिलने के लिए बुलाया और अपमानित कर भगाया। वहीं, डीआर शिप्रा सेन का कहना है कि कोर्ट पेशी चल रही थी, तो मिलने से इंकार किया, अपमानित करने जैसी कोई बात नहीं हुई।
सेवा प्रदाताओं ने बताया कि विभागीय कार्यप्रणाली के चलते उन्होंने पहले ही एक ज्ञापन दिया था। जिसमें 25 फरवरी से हड़ताल की जानकारी भी दी गई थी। सेवा प्रदाता राकेश सोमानी, शरीफ शेख, शिवम बरोले, जावेद चौहान, मयंक तिवारी, रितेश मित्तल, राजेश बाथम आदि का कहना था कि बुधवार को वे सभी मिलकर वरिष्ठ उप पंजीयक चारूमित्रा गुर्जर के कहने पर जिला पंजीयक शिप्रा सेन से मिलने पहुंचे थे। यहां जिला पंजीयक द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई और मिलने से मना कर दिया गया। यहां तक जिला पंजीयक द्वारा उनके लायसेंस निरस्त करने की धमकी भी दी। जिसके चलते सेवा प्रदाताओं और अधिवक्ताओं में आक्रोश है। इसकी शिकायत बार एसोसिएशन से भी की गई है। वहीं, इस मामले में गुरुवार को कलेक्टर से भी मुलाकात की जाएगी। सेवा प्रदाताओं ने जिला पंजीयक को हटाने की मांग की है।
व्यक्तिगत रूप से मिलकर बताए परेशानी
इस मामले में जिला पंजीयक शिप्रा सेन का कहना है कि वे समस्या को सुलझाने का प्रयास कर रहीं हैं। शिप्रा सेन ने बताया कि उन्हें सेवा प्रदाताओं द्वारा हड़ताल की सूचना जरूर दी गई थी, लेकिन उस पर सिर्फ लोगों के हस्ताक्षर थे। उन्होंने सभी सेवा प्रदाताओं को व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी समस्या बताने और हड़ताल के लिए स्वीकृति लिखित में मांगने को कहा था। मंगलवार को वे जनसुनवाई छोड़कर दिनभर सेवा प्रदाताओं का इंतजार करती रहीं, लेकिन कोई नहीं आया। बुधवार को उनकी कोर्ट चल रही थी। उस दौरान सेवा प्रदाता आए थे। कोर्ट में सुनवाई होने के कारण उन्होंने मिलने से इंकार किया था।
दूसरे दिन भी नहीं हुई रजिस्ट्री
सेवा प्रदाताओं की हड़ताल के चलते दूसरे दिन भी पंजीयक कार्यायल खंडवा में रजिस्ट्री नहीं हो पाई। मंगलवार को भी कोई रजिस्ट्री नहीं हुई थी। वहीं पुनासा उप पंजीयक कार्यालय में 3 और पंधाना में दो रजिस्ट्री हुई है। हरसूद में भी कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने से पूर्व जिला पंजीयक कार्यालय को मिले लक्ष्य से अभी भी राजस्व की वसूली पूरी नहीं हो पाई है। वहीं, अप्रैल से रजिस्ट्री शुल्क बढऩे की आशंका के चलते बड़ी संख्या में रजिस्ट्री होना बाकी है। सेवा प्रदाताओं की हड़ताला से उपभोक्ताओं की भी परेशानी बढ़ सकती है।