
Company sitting by pressing Rs 30 crore honorarium of employees
खंडवा. सरकार से एमओयू कर पंचायत भवन में महात्मा गांधी ग्राम केंद्रों पर कर्मचारी नियुक्त करने वाली कंपनी मानदेय देना भूल गई। कंपनी ने कर्मचारियों का तीस करोड़ रुपए मानदेय दबाकर बैठ गई है। आंदोलन के बाद भी किसी के सेहत पर फर्क नहीं पड़ रहा है। मामला सरकार तक पहुंचने के बाद शासन ने पंचायत विभाग के संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी है।
कोरोना काल के दौरान पंचायत स्तर पर शासन की कल्याणकारी योजनाओं का ऑनलाइन क्रियान्वयन करने वाले कर्मचारियों को ढाई साल से वेतन नहीं मिला। महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र पर कर्मचारियों ने दो साल पहले महामारी के दौरान जान जोखिम में डालकर जनता को सेवाएं दी। बावजूद इसके लंबे समय से मानदेय के लिए पसीना बहा रहे हैं। नियुक्त तारीख से लेकर अब तक खंडवा के कर्मचारियों का 2.10 करोड़ रु. मानदेय नहीं मिला। मांग को लेकर गत माह प्रदेश स्तरीय आंदोलन कर चुके हैं।
इन योजनाओं का कर रहे संचालन
केंद्रों पर पंचायत दर्पण, ई-ग्राम सॉफ्ट, पंचायत के 11 प्रकार के प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी करने, आयुष्मान कार्ड, ई- श्रमकार्ड, किसान सम्मान निधि, संबल कार्ड पंजीयन, बैंकिंग सुविधाएं आदि योजनाओं की सुविधा ग्रामीणों को सेवाएं दे रहे हैं।
सीएम को भेजा है पत्र
सीएम को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है कि 29 माह से सरकार से एमओयू करने वाली कंपनी सीएससी केंद्र के कर्मचारियों का मानदेय नहीं दे रहे हैं। इसके लिए गत माह पूरे प्रदेश में आंदोलन हुआ। आंदोलन के बाद शासन ने क्षेत्रीय अधिकारियों से इसकी जानकारी मांगी है।
जितेन्द्र भालसे, एमजीजीएसके वीएई संघर्ष समिति जिला अध्यक्ष
कर्मचारियों को सीएससी कमीशन दे रही है। इनवे आइटी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने पांच से छह हजार रुपए मानदेय के लिए कहा है। प्रशासन आयुष्मान आदि कल्याणकारी योजनाओं का कार्य ले रहा है। कंपनी के अधिकारी कह रहे है कि शासन से मिलने के बाद मानदेय जारी हो जाएगा।
ऋषि महोदय, जिला समन्वयक, इनवे आइटी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी
Published on:
11 Dec 2022 12:46 pm

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