
Adhuri Road
राजेश पटेल
खंडवा. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कें समय सीमा में पूर्ण नहीं हो रहीं हैं। कांस्ट्रक्शन कंपनियों के एक्टेंशन बढ़ाए जाने के बाद भी सड़कें अधूरी हैं। मामले को पत्रिका ने मुद्दा बनाया तो जिम्मेदार जागे। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक पीएस चौहान सक्रिय हुए। सड़कों का समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनियों को करण बताओ नोटिस जारी की। जवाब शर्तों के अनुसार नहीं मिलने पर निर्माण का अनुबंध निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में पूर्व महापौर सुभाष कोठारी के भाई समेत चार कंस्ट्रक्शन कंपनियों का अनुबंध निरस्त किया गया है। इसकी सूचना से कांस्ट्रक्शन कंपनियों के संचालकों में खलबली मची है।
जिला प्रशासन को भेजी गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की पैकेज नंबर एमपी-21706 कोलाड़ी से दिवाल मार्ग तक करीब तीन करोड़ रुपए लागत की पांच किमी से अधिक लंबी सड़क का ठेका बालाजी कांस्ट्रेशन कंपनी को दिया गया है। इसी तरह तीन अन्य पैकेजों की कुल चार सड़कों का निर्माण कराने के लिए दिया गया। विभाग ने इस कंस्ट्रक्शन कंपनी को चार अलग-अलग नई सड़कों का ठेका दिया। टेंडर प्रक्रिया के बाद वर्क आर्डर 12 अगस्त 2021 को जारी हुआ। प्रारंभिक सयम सीमा 12 माह की दी गई। इसके बाद छह माह की समय सीमा बढ़ाई गई। निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 18 माह का समय दिया गय। वर्क आर्डर के बाद निर्माण पूर्ण करने फरवरी 2023 तक समय सीमा निर्धारित की गई। पांच माह बीतने के बाद भी निर्माण पूर्ण नहीं हुआ।
पैकेज में 27 किमी की सड़क का निर्माण
बालाजी कांस्ट्रक्शन कंपनी को चार अलग-अलग पैकेज में 27 किमी की सड़क का निर्माण करना था। लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अभी तक 1300 मीटर ही डमरीकरण कर सकी है। जबकि शेष कार्य जीएसबी में ही अटका हुआ है। बारिश शुरू होने के बाद राहगीरों को परेशानी बढ़ गई है। मामले में महाप्रबंधक ने निर्माण कंपनी को नोटस दिया। शर्तों का उलंघन मिलने पर अनुबंध निरस्त करते हुए जमानत राशि राजसात की कार्रवाई की गई है। विभाग ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन समेत विभाग को भेजी है। अनुबंध निरस्त होने के बाद नए सिरे से रिवाइज्ड टेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इन कंस्ट्रक्शन कंपनियों का भी एग्रीमेंट टर्निमेट
कल्याण टोल इन्फ्रास्ट्रक्चर इंदौर को खंडवा से होशंगाबाद और खिरकिया से मालूद मार्ग की मरम्मत के लिए ठेका दिया गया। इसी तरह जुनेजा को अशरफ नगर से मोहनिया रोड, चांदी दा से झिंझरी, केकडिया से झिंझरी, टेलियाधड़ से देवलीकला तक मार्गों के मरम्मत और देखरेख के लिए ठेका दिया गया है। इसी तरह सावरिया कॉंस्ट्रक्शन कंपनी को किल्लोद से कुशही, किल्लोद से कुसकी, धरवानी माफी, झंगोरिया, विलोद से जूनापानी से मालूद होते हुए सेजेतापुर तक छोटे-छोटे पैकेज के निर्माण कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने समय सीमा में पूर्ण नहीं कर सकी। मरम्मत करने वाली तीनों कॉस्ट्रक्शन कंपनियों का एग्रीमेंट टर्निमेट करते हुए नए सिरे से रिवाइज्ड टेंडर करने की कागजी प्रक्रिया शुरू की है।
दिशा की बैठक में भी उठ चुका मुद्दा
कलेक्ट्रेट में 25 मई को दिशा की बैठक के दौरान अधूरी सड़कों के निर्माण का मुद्दा छाया रहा। क्षेत्रीय विधायकों ने दिशा की बैठक में भी मुद्दा उठाए थे। मामले में सांसद ने महाप्रबंधक से रिपोर्ट तलब करते हुए लापरवाह कॉंस्ट्रक्शन कंपनियों पर कार्रवाई का निर्देश थे। इस दौरान विधायकों ने निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता सुधार की भी बात रखी थी।
श्रेत्रीय विधायक भी कर चुके हैं शिकायत
विधायक पंधाना ने तो ठेकेदारों पर चुनाव हरवाने, टिकट कटवाने और जान माल को खतरा पहुंचाने का आरोप भी लगा चुके हैं। दरअसल, बाला जी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोप्राइटर अशोक कोठारी पूर्व महापौर सुभाष कोठारी के भाई है। इसी तरह अन्य ठेकेदार भी किसी न किसी राजनीतिक दल या फिर नेताओं से जुड़े हुए हैं।
निर्माण स्थल लंबाई लागत
कोलाडीट से देवलामाफी 5.40 किमी 372.20 लाख
पंधाना से बरखेड़ी जिला सीमा 5.45 किमी 294.43 लाख
दिवाल से ब्लाक बार्डर 7.28 किमी 481.75 लाख
दिवाल से आरुद 14.38 किमी 1036.81 लाख
Published on:
27 Jul 2023 10:04 pm
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