
Dada JI dhuni wale
खंडवा. अवधूत संत श्री धूनीवाले दादाजी के मंदिर निर्माण का मुद्दा एक बार फिर चर्चाओं में आया। गुलाबी पत्थर के 108 खंभे के मंदिर निर्माण पर ट्रस्ट अड़ा है तो वहीं छोटे सरकार व अनुयायी नया प्रस्ताव लाए। १५४७६.८९८ घनफुट घड़ाई किए हुए पत्थर की सूची ट्रस्ट को सौंप आधे घंटे से ज्यादा समय इस मुद्दे पर चर्चा की।
गुरुपूर्णिमा उत्सव के उपलक्ष्य में शनिवार को यहां आए रामेश्वर दयाल उर्फ छोटे सरकार ने श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों से चर्चा की। छोटे सरकार ने दो प्रस्ताव रखे। पहले में यहां जो मंदिर निर्माण हो रहा है, उसमें हमारे 5 करोड़ रुपए के 90 ट्रक मार्बल का भी उपयोग हो। ट्रस्ट ने कारण गिनाते हुए इसे नामंजूर कर दिया। छोटे सरकार ने दूसरा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि आप जो मंदिर निर्माण कर रहे हैं, उसके आसपास 84 खंभों की परिक्रमा बनाएं।
उसमें हमारे मार्बल का उपयोग हो सकता है। बड़े दादाजी, छोटे दादाजी और धूनी माई की दादरी बन सकती है। ट्रस्ट ने इस प्रस्ताव पर कहा कि ये प्रपोजल स्वागत योग्य है। इसमें सकारात्मक सोच नजर आती है। ट्रस्ट की ओर से सुभाष नागोरी, नंदकिशोर श्रीमाली, लखीमचंद्र अग्रवाल, प्रकाश बाहेती, भगवान प्रसाद ग्रुप्ता शामिल थे। छोटे सरकार ने अमूल्य दर्शन गृह में रखे 108 खंभों के मॉडल को देखा। साथ ही पटेल सेवा समिति के कोमल भाऊ से भी मिले और ट्रस्ट के सामने रखे प्रस्ताव के बारे में बताया।
...तो एेसे बनेगा 84 खंभों की परिक्रमा: मंदिर के गेट नंबर 2 से लगे रथ घर से लेकर पुराना अमूल्य दर्शन, प्रसाद वितरण, बाउंड्रीवॉल से होते हुए गेट नं. 10 की तरफ से घूमकर गेट नं. 6, बारहदरी होते हुए बड़ी धूनीमाई तक 84 खंभों की परिक्रमा बनेगी। इसमें तीन दादरी, सत्संग कक्ष, म्यूजियम भी प्रस्तावित है।
आगे ये होना संभावित
अगस्त में ट्रस्ट, छोटे सरकार, आर्किटेक्ट व प्रतिनिधियों की एक बैठक संभावित इसमें चर्चा होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
जनआंदोलन की बात उठी
ट्रस्ट कार्यालय में जब चर्चा चल रही थी, तब खिड़की से देख रहे छोटे सरकार के अनुयायियों में से महिलाओं ने कहा कि अगर सफेद मार्बल का उपयोग नहीं किया तो जन आंदोलन हो जाएगा।
पहली बार मिले इतने ट्रस्टी
छोटे सरकार जब ट्रस्ट कार्यालय में पहुंचे तो यहां यह पहली बार देखने में आया कि उनसे मुलाकात के लिए छह ट्रस्टी मौजूद थे। इससे पहले कभी-भी एक साथ ट्रस्ट मंडल के सदस्यों ने उनसे भेंट नहीं की।
नहीं तो दूसरी जगह बनाएंगे मंदिर
रामेश्वर दयाल उर्फ छोटे सरकार ने कहा हमने खूब प्रयास कर लिए। 84 खंभों की परिक्रमा, दादरी, म्यूजियम, ध्यान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी रख दिया। अब अगर इस पर भी सहमति नहीं बनती तो दूसरी जगह मंदिर बनाएंगे, इस दूसरी जगह में खंडवा भी शामिल है। एक महीने में अगली चर्चा होना है।
108 खंभों के मॉडल में कोई बदलाव नहीं होगा
सुभाष नागोरी, ट्रस्टी ने कहा यहां अखंड धूनी है, सफेद मार्बल काला होगा और सफाई करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, पिलर्स आ चुके हैं, इस मॉडल में कोइ बदलाव नहीं होगा। 84 खंभों की परिक्रमा वाला प्रस्ताव स्वागत योग्य है। सशर्त दान लेने की मंदिर में मनाही है।
Published on:
29 Jul 2018 02:21 pm
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