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धूनीवाले दादाजी की समाधि पर पेश की गई विंटेज कार

बड़े दादाजी का बरसी उत्सव...108 दीपों से हुई महाआरती, 25 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Dec 10, 2019

dadaji dhuniwale khandwa

dadaji dhuniwale khandwa

खंडवा. अवधूत संत श्री धूनीवाले दादाजी के दरबार में बड़े दादाजी की बरसी मनाई गई। सुबह से रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने दादाजी धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। बड़े दादाजी को चादर भेंट कर नैवेद्य लगाया। बड़े दादाजी के 89वें बरसी पर्व पर रात 8.30 बजे महाआरती हुई। 108 दीपों से की गई आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रसादी का वितरण किया गया। महाआरती के बाद मंदिर परिसर में बड़े दादाजी का रथ और छोटे दादाजी द्वारा उपयोग किए गए वाहन दर्शनार्थ घुमाएं गए। उधर, दादाजी की बरसी पर हरिहर भवन में भी पूजा-अर्चना के साथ सुबह 11 से शाम 4 बजे तक भंडारे का आयोजन हुआ।

विशेष साज-सज्जा, देशभर से आए भक्त
दादाजी धाम में फूलों से विशेष सज्जा की गई। दिनभर श्रद्धालुओं ने दादाजी धाम पहुंचकर समाधि पर शीश नवाकर पूजा-अर्चना की। उत्सव में भाग लेने खंडवा के साथ ही महाराष्ट्र, पांढुर्ना, नागपुर, बैतूल सहित अन्य स्थानों से भक्तगण समाधि दर्शन के लिए आए। दादाजी की बरसी पर सोमवार सुबह 4 बजे समाधि स्नान, 5 बजे मंगल आरती, 8 बजे आरती, 9.30 बजे सेवा, दोपहर 3 बजे सेवादारों व श्रद्धालुओं ने समाधियों का गंगाजल एवं पंचामृत से स्नान एवं मालिश की। इस बीच श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट द्वारा नए साल का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें नए साल के प्रमुख त्योहारों का जिक्र किया गया है। बता दें कि वर्ष के सात बड़े पर्व व त्योहार पर दादाजी धाम में सात महाआरती होती है। इनमें छोटे दादाजी की बरसी से लेकर रामनवमी, जन्माष्टमी व बड़े दादाजी महाराज की बरसी सहित अन्य शामिल हैं।

नए साल में इन तारीखों में प्रमुख पर्व-त्योहार
13 फरवरी
छोटे दादाजी महाराज की बरसी
21 फरवरी
महाशिवरात्रि उत्सव
2 अप्रैल
रामनवमी महोत्सव
04 जुलाई
गुरुपूर्णिमा महोत्सव
11 अगस्त
जन्माष्टमी उत्सव
14 नवंबर
दीपावली महोत्सव
27 दिसंबर
बड़े दादाजी महाराज की बरसी

फूलों से बने खाद को प्रसादी के रूप में बांटा
बड़े दादाजी महाराज के बरसी उत्सव पर दादाजी धाम में फूलों से बने खाद को प्रसादी के रूप में श्रद्धालुओं को बांटा गया। अब ये श्रद्धालु इस खाद को घर या खेत में लगे पौधों के लिए उपयोग कर सकेंगे। बता दें कि दादाजी की समाधि पर भक्तों द्वारा जो फूलमाला चढ़ाई जाती है, उसे फेंकने के बजाय परिसर में बने पिट में ही डाला जाता है और इससे खाद बनाई जाती है।