खंडवा. एक दिवसीय प्रवास पर खंडवा पहुंचे डिजिटल बाबा ने कहा है कि कथा वाचक सनातन धर्म का प्रचार करने के बहाने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो निंदनीय है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और सीहोर के कथा वाचक प्रदीप मिश्रा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, बिना तैयारी के हजारों की भीड़ इकट्ठा करते हैं, जिसमें भगदड़ होने पर लोगों की जान गई। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह कथा वाचक की जिम्मेदारी है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। धीरेन्द्र शास्त्री के बारे में कहा किक वह इस सदी के महान वक्ताओं में एक हैं, जो आदमी दुनिया भर को संस्कार, शिष्टाचार, अनुसाशन का पाठ पढ़ाए उसका अपना भाई कितना बड़ा छिछोरा है, किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने नसीहत दी है कि आस पास के वालंटियर, भाई और टीम में काम करने वालों को शिष्टाचार सिखाएं। ताकि कोई ऐसा काम नहीं करे, जिससे उनकी छवि खराब हो। डिजिटल बाबा नाम कैसे पड़ा? इस सवाल का जबाव देते हुए वह बोले, सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवा वर्ग को अध्यात्म, भारतीय संस्कृति, जीवन में कैसा व्यवहार करें, कैसे रहें इसके बारे में बताते समझाते हैं। इसके लिए टेक्निकल सपोर्ट और स्किल मेरे जीवन में है। युवाओं के जायके में रहकर उनको उनके ही तरीके से समझाते हैं। इसलिए युवा साथ रहते हैं। उन्होंने नर्मदा नदी की स्वच्छता पर कहा कि जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। ओंकारेश्वर और अन्य स्थानों पर नर्मदा नदी के कुंड व नदी को साफ नहीं किया जा रहा। उसमें गंदगी करते हैं, जिसे साफ करने की जरूरत है।