
सुविधा की बजाय दुविधा बनी ओपीडी, जांच व पर्ची के लिए भटक रहे मरीज
नई व्यवस्था के तहत शुरू की गई ओपीडी में किस रोग के डॉक्टर कहां बैठते हैं मरीजों को नहीं पता। वह लोगों से पूछताछ करते हुए ओपीडी तक पहुंचते हैं। हालत यह है कि एक मरीज को उपचार कराने में दो से तीन घंटे लग रहे हैं। साथ ही अस्पताल के मुख्य गेट से ओपीडी तक पहुंचने और इलाज कराने में ही मरीजों का दम फूल रहा है। इसका मुख्य कारण नई ओपीडी में व्यवस्थाएं नहीं होना और मरीजों को जानकारी नहीं मिल पाना है। डॉक्टर कक्ष, पर्ची व दवा काउंटर, जांच कक्षों की एक-दूसरे से दूरी अधिक है। जिला अस्पताल के मुख्य गेट से नई ओपीडी तक पहुंचने के मार्ग पर कोई भी सूचना बोर्ड या जानकारी देने वाला नहीं है। जिस कारण मरीज परेशान हो रहे हैं।
नई ओपीडी तक ऐसे पहुंचे
जिला अस्पताल के मुख्य गेट से प्रवेश करें। वाहन पार्क कर 14 नंबर कक्ष के सामने से होते हुए सीधे मेल मेडिकल वार्ड के चैन गेट पर पहुंचे। यहां से नए भवन में प्रवेश करें। सीधे जाकर दांई ओर मुड़े। कुछ दूरी पर पर्ची काउंटर मिलेगा। पर्ची लेकर उसी रास्ते से वापस आएं। जहां पहले पार्ट में कक्ष 1 से 14 तक डॉक्टर मिलेंगे। वहीं शेष डॉक्टर आगे के कक्ष में मिलेंगे। इसके अलावा दूसरा रास्ता ट्रामा सेंटर के गेट से होते हुए नैदानिक केंद्र के सामने पहुंचे और ब्लाक (ए) के मुख्य गेट से सीधे नई ओपीडी के पर्ची काउंटर पर पहुंच सकते हैं। वहीं जांच कराने नई ओपीडी के मुख्य गेट के दांई और नैदानिक केंद्र है। जहां जांच होती हैं। दवा काउंटर पुराने स्थान पर ही है।
नई ओपीडी ब्लॉक (ए) में शुरू की गई है। ऐसे में जिला अस्पताल में उपचार के लिए मरीज मुख्य गेट से पहुंचता है। वह पहले पुराने पर्ची काउंटर जाता है। जहां उसे नए काउंटर पर भेजा जाता। मरीज आगे बढ़ता है तो ट्रामा सेंटर के रास्ते के पास भ्रमित होने से ट्रामा सेंटर पहुंच जाता है। वहां नई ओपीडी की जानकारी मिलने पर वापस लौटता और ब्लॉक (ए) में पहुंचता है। इसके बाद लाइन में लगकर काउंटर से पर्ची लेता और संबंधित रोग के डॉक्टर की तलाश शुरू करता है। क्योंकि यहां कोई मरीजों को जानकारी देने वाला नहीं रहता। यदि डॉ ने जांच लिख दी तो मरीज नैदानिक केंद्र की तलाश में निकलता है। वह जैसे-तैसे नैदानिक केंद्र पहुंचता और जांच कराता। वहीं दवाई लेने के लिए दोबारा अस्पताल का राउंड लगाकर दवा काउंटर पर पहुंचता है। मरीजों को कम से कम दो घंटे का वक्त लग रहा है।
इमरजेंसी में इलाज की यह व्यवस्था
शाम 4 से सुबह 9 बजे तक इमरजेंसी के लिए पर्ची काउंटर पुराने स्थान साई मंदिर के सामने बनाया गया है। पर्ची लेने के बाद इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर से कक्ष 14 में पहुंचकर मरीज इलाज करा सकते हैं। इसके अलावा ड्रेसिंग रूम से मरीज दवाइयां ले सकते हैं।
Published on:
06 Aug 2019 08:36 pm
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