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ईद विशेष: आखिर क्या खासियत है इस 99 किलो के बकरे में

80 हजार लगी बोली फिर भी नहीं बेचा मालिक ने

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खंडवा

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Rahul Singh

Aug 19, 2018

Eid special in khandwa

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खंडवा/ बोरगांव बुजुर्ग. मुस्लमानों का त्योहार ईदुलजुहा इस हफ्ते आने वाला है, इसके लिए बाजार तैयार हो गया है। खंडवा से 20 किलोमीटर दूर स्थित है बोरगांव बुजुर्ग। यहां ईद को लेकर बाजार सजा था। यहां एक बकरा बिकने के लिए अपने आप में सबसे अलग था। यह बकरा तीन लीटर दूध, एक किलो गेहूं, एक किलो चना और मक्का के साथ हरी पत्तियां भी खाता है। इतना कुछ एक दिन में खाने वाला पंजाबी नस्ल का बकरा शनिवार को बोरगांव मवेशी बाजार बेचने के लिए लाया गया। बता दें 99 किग्रा. के इस बकरे का नाम सुलतान है। अपनी हाईट, रंग और पर्सानिलिटी की ही तरह इसकी डाइट है। बकरीद पर खंडवा शहर के अलावा आसपास के गांव में भी काफी संख्या में बकरे बिकने के लिए आते है। जिनकी कीमत एक से दो लाख तक होती है।


सबकी नजर सुल्तान
ईद पर्व को लेकर यह आखिरी बाजार था। इसलिए बड़ी संख्या में बकरे यहां बिकने आए थे। लेकिन इतने बकरों में सुलतान की अपनी अलग शान थी। सभी की नजर सुलतान पर थी। कई खरीदारों ने इसकी कीमत लगाई लेकिन कल्लनगंज खंडवा निवासी मालिक सोनू पठान ने 80 हजार तक बोली लगने के बाद भी सुलतान को नहीं बेचा। सोनू ने बताया एक साल पहले सुलतान को छह माह की उम्र मे 25 हजार की कीमत देकर पंजाब से खरीदकर लाए थे। तब से परिवार में नन्हें बच्चों के साथ घुल मिलकर सुलतान साथ ही रह रहा था। सुलतान अब डेढ वर्ष का हो गया है। बिक्री के लिए बोरगांव बाजार लाए थे। लेकिन उसकी पर्याप्त बोली नहीं लगने से सोनू ने सुलतान को नहीं बेचा। गौरतलब है कि ईद माह में प्रतिवर्ष बोरगांव में मवेशी बाजार में कई तरह की प्रजाति के सैकड़ों की संख्या मे बकरे बिकने आते हैं। सैकड़ों बकरों मे सुलतान आकर्षण का केंद्र रहा। ईद पर कुर्बानी देने की प्रथा है इसलिए मुस्लिम समाज के लोग इस दिन बकरे की कुर्बानी देते हैं।