
Engineer and employment assistant terminated, secretary suspended
खंडवा. खालवा ब्लॉक के ग्राम जामन्या सरसरी में चेकडैम निर्माण में अनियमितता और चेकडैम की नींव की मिट्टी में दबने से दो महिलाओं की मौत मामले में जिला प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई की है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अनय द्विवेदी ने रोजगार गारंटी योजना के कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर संविदा उपयंत्री राजेश झारोला की सेवाएं समाप्त कर दी है। वहीं ग्राम पंचायत खोरदा के ग्राम रोजगार सहायक सूर्यकांत साकल्ले को पद से हटाने के लिए जनपद पंचायत सीईओ खालवा को निर्देश दिए हैं। जामन्या सरसरी के ग्राम पंचायत सचिव को पंचायत राज अधिनियम के तहत निलंबित किया गया। साथ ही सचिव के विरुद्ध विभागीय जांच बैठाई गई है। उल्लेखनीय है कि 15 जून को जान्मया सरसरी में निर्माणाधीन चेकडैम की नींव धंसने से मिट्टी लेने गई दो महिलाओं की दबने से मौत हुई थी। घटना के बाद चेकडैम निर्माण की अनियमितताएं सामने आई और पत्रिका ने इस मुद्दों को लगातार प्रकाशित कर दोषियों को उजागर किया था।
जांच में तकनीकी मापदंडों पर खरा नहीं उतरा निर्माण
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोशन कुमार सिंह ने बताया खालवा तहसील के जामन्या सरसरी में चेकडैम निर्माण कार्य में जेसीबी के उपयोग की शिकायत मिली थी। साथ ही इस निर्माण स्थल पर दो महिलाओं की मौत हुई थी। मामला सामने आते ही एसडीएम हरसूद ने मामले की जांच की। जांच में संविदा पर नियुक्त उपयंत्री राजेश झारोला की लापरवाही पाई गई। वहीं जांच के दौरान सूचना देने पर भी उपयंत्री उपस्थित नहीं हुए। वहीं चेकडैम का निर्माण तकनीकी मापदंडों के अनुसार सही नहीं पाया गया। इसके अलावा रोजगार गारंटी योजना के कार्यों में जेसीबी मशीन का उपयोग खुदाई में करना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का उल्लंघन पाया गया। इसी आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
दोषियों से होगी निर्माण में खर्च राशि की वसूली
इधर, प्रकरण में जांच के दौरान चेकडैम अनियमित पाए गए हैंं। इसके चलते प्रशासन उक्त निर्माण कार्य में खर्च हुई राशि की वसूली ग्राम सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और संबंधित उपयंत्री से समानुपातिक रूप से करेगा। साथ ही राशि वसूली के लिए मामले में दोषियों पर न्यायालय जिला पंचायत में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। यहां बता दें ग्राम जामन्या सरसरी में चार चेकडैम का निर्माण किया जा रहा था। इसमें प्रत्येक चेकडैम की लागत करीब पांच लाख रुपए थी। इस समय तीन चेकडैम बनकर तैयार हो गए हैं। वहीं एक का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था।
वर्जन...
जांच में चेकडैम निर्माण में अनियमितताएं सामने आई है। जांच के आधार पर दोषी उपयंत्री और रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त की है। वहीं सचिव को निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई है। मामले में निर्माण पर खर्च हुई राशि की वसूली दोषियों से की जाएगी।
रोशन कुमार सिंह, सीईओ, जिला पंचायत खंडवा
Published on:
14 Jul 2020 06:01 am
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