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खंडवा. फॉरेस्ट गार्ड की वर्दी में राहगीरों से रंगदारी वसूली जा रही थी। अंधेरे में गुजरने वाले लोगों को आचार संहिता प्रभावी होने का हवाला देकर धमकाते हुए बदमाश अपना काम कर रहे थे। जब गुरुवार के तड़के दो युवक शिकार बने तो उन्होंने पुलिस की मदद ली। फुर्ती दिखाते हुए पुलिस ने भी घेरा डाला और वर्दी वाले के साथ उसके एक साथी को पकड़ लिया। अब दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ के बाद धमकाया
यह बात सामने आई है कि जावर थाना क्षेत्र के रहने वाले दो युवक इंदौर से लौटे। सुबह करीब 4 बजे दोनों टैगोर पार्क के पास पहुंचे तभी इन्हें खाकी वर्दी वाले ने रोक लिया। युवकों से नाम पता पूछने के बाद इन्हें आचार संहिता प्रभावी होने का हवाला देकर धमकाया गया।
स्टेडियम के पीछे बुलाया
वर्दी वाले ने अपने साथी की मदद से धमकाते हुए युवकों से रुपए मांगे। जब युवक रुपए नहीं दे पाए तो इनका मोबाइल फोन छुड़ा लिया। फोन वापस करने के एवज में पांच सौ रुपए की मांग की और स्टेडियम के पीछे बुलाया। परेशान युवक यहां से सीधे कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
वन विभाग में करता था काम
टीआइ कोतवाली बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि दोनों आरोपी संजय निवासी चंपा तालाब व हंसराज निवासी एनवीडी कॉलोनी के खिलाफ रंगदारी वसूलने के मामले में आइपीसी की धारा 384, 385 के तहत केस दर्ज कर लिया है। इनके कब्जे से फॉरेस्ट गार्ड की वर्दी, घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल और युवकों का मोबाइल फोन जब्त किया गया है। यह बात सामने आई है कि आरोपी संजय वन विभाग में दैनिक वेतन भेगी के तौर पर काम करता है। जब पुलिस ने वन अधिकारियों से पूछताछ की तो बताया गया कि वह संजय को पहले ही निकाल चुके हैं।
शिकार पर होती थी नजर
सूत्रों का कहना है कि लंबे अर्से से संजय और हंसराज रंगदारी वसूली का काम कर रहे हैं। सही लहजे में कहा जाए तो लोगों को लूटा जा रहा था। समझदारी दिखाते हुए युवकों ने रिपोर्ट की तो बदमाश पकड़े गए हैं। इसके पहले भी कई लोगों को यह अपना शिकार बना चुके हैं। इस बारे में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
Published on:
16 Jun 2022 11:34 pm
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