
Favorite temple of kings, Shri Ram also worshiped Maa Tulja Bhawani
खंडवा. गुरुवार से शुरू हुए शारदीय नवरात्र पर्व के साथ ही माता की भक्ति भी प्रारंभ हो गई है. नवरात्र 2021 के मौके पर patrika.com आप को बता रहा है मध्यप्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों के बारे में...। आइए जानते हैं खंडवा के प्राचीन भवानी माता मंदिर के बारे में. यूं तो खंडवा की ख्याति धूनीवाले दादा के धाम के रूप में रही है पर तुलना भवानी का यह मंदिर भी विश्वविख्यात है.
यह मंदिर वस्तुत: खंडवा सहित पूरे क्षेत्र की धार्मिक एवं पुरातत्व धरोहर में से एक है. नाम के अनुरूप से मंदिर में तुलजा भवानी माता की प्रतिमा स्थापित है. मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित मां भवानी की स्वयंभू मूर्ति है. महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं पर अग्नि देव का रोगोपचार किया था. धनुर्धर अर्जुन के साथ श्रीकृष्ण ने अग्नि देव के अजीर्ण रोग का उपचार किया था.
इसके साथ ही उन्हें प्रसन्न और संतुष्ट कर दिया था. मराठा नायक छत्रपति शिवाजी महाराज मां तुलजा भवानी के अनन्य भक्त थे. मां तुलजा भवानी उनकी आराध्य देवी थीं. जनश्रुति तो यह भी है कि शिवाजी महाराज की भक्ति से प्रसन्न मां तुलजा भवानी ने उन्हें तलवार प्रदान की थी। उसी तलवार के बल पर उन्होंने मुगलों के दांत खट्टे किए थे.
खास बात तो यह है कि यह मंदिर भगवान श्रीराम के काल का भी माना गया है. कहा गया है कि 14 वर्ष के वनवास के दौरान श्रीराम ने सीताजी और लक्ष्मण सहित यहां तुलजा भवानी की उपासना की थी. मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने इस मंदिर में नौ दिनों तक मां तुलजा भवानी की पूजा—अर्चना की जिससे प्रसन्न होकर मां ने अस्त्र-शस्त्र के साथ विजयी होने का वरदान भी दिया था.
Published on:
08 Oct 2021 01:25 pm

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