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खाद घोटाला : किसान गिड़गिड़ाते रहे.. आला अफसरों की सरपरस्ती में 42 दिन तक ट्रांसपोर्टरों ने दबाई यूरिया

जिले में यूं ही नहीं खाद की कालाबाजारी हो रही है। दरअसल, सबकुछ आला अफसरों की सरपरस्ती में खेल चलता रहा। रैक पाइंट से सोसायटियों भेजी गई खाद 42 दिन तक ट्रांसपोर्टर के पास रही। सूचना के बाद भी जिला टॉक फोर्स ( जिला प्रशासन, पुलिस, कृषि, डीएमओ, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ) तमाशबीन रही।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Sep 26, 2025

Fertilizer scam

खाद घोटाला : किसान गिड़गिड़ाते रहे.. आला अफसरों की सरपरस्ती में 42 दिन तक ट्रांसपोर्टरों ने दबाई यूरिया

रैक पाइंट से 30 जून को जारी हुई थी खाद, 11 अगस्त तक ट्रांसपोर्टरों ने नहीं पहुंचाया था 2500 बोरी यूरिया

ट्रांसपोर्टर के पास 42 दिन तक रखी रही खाद

जिले में यूं ही नहीं खाद की कालाबाजारी हो रही है। दरअसल, सबकुछ आला अफसरों की सरपरस्ती में खेल चलता रहा। रैक पाइंट से सोसायटियों भेजी गई खाद 42 दिन तक ट्रांसपोर्टर के पास रही। सूचना के बाद भी जिला टॉक फोर्स ( जिला प्रशासन, पुलिस, कृषि, डीएमओ, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ) तमाशबीन रही।

15 अगस्त तक जवाब देते रहे सबकुछ अच्छा चल रहा

हैरानी की बात तो यह कि जो अफसर 15 अगस्त के पहले तक किसानों से यह कहते रहे कि खाद वितरण में सबकुछ ठीक है। यहां तक कलेक्टर को डबल लॉक का भ्रमण कराकर वितरण दिखाया। और रिपोर्ट आलइज वेल बताया। अब वही अफसर फील्ड में कालाबाजारी करने वालों के गोदाम में छापामार कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करा रहे हैं। इससे साफ है कि किसानों का दबाव बढ़ा तो जिम्मेदार फील्ड में उतरे। इससे पहले सबकुछ ठीक चलता रहा।

कलेक्ट्रेट में डेरा डाला तो फील्ड में उतरे जिम्मेदार

कलेक्ट्रेट में किसानों ने डेरा डाला तो जिम्मेदार फील्ड में उतरे। छैगांव माखन में सद्दाम हुसैन के यहां 740 बोरी खाद जब्त की है। एफआईआर दर्ज कराई है।

डीएमओ का स्टाक खत्म, टोकन लेकर लौटे किसान

गुरुवार को डबल लॉक पर दोपहर तीन बजे तक यूरिया-डीएपी का वितरण हुआ। शाम पांच बजे स्टाक खत्म हो गया। किसानों को टोकन लेकर वापस लौटना पड़ा। डबल लॉक में सुबह 400 बोरी थी। यूरिया 900। दोनोें खत्म हो गई। बीस से अधिक किसानों को लौटना पड़ा। किसान लक्ष्मी नारायरण, शकील मंसूरी, धर्मेंद्र सिंह राई ने बताया कि दो दिन पहले टोकन बांटे गए थे। डीएपी नहीं मिली। गेहूं व चना के लिए अग्रिम खरीदी के लिए आए हैं।

खाद का अवैध कारोबार, व्यवसायी सद्दाम पठान पर केस दर्ज

टेंट व्यवसाय के आड़ में अवैध रूप से खाद का कारोबार करने के मामले छैगांवमाखन पुलिस ने टेंट व्यवसायी सद्दाम पठान पर केस दर्ज किया है। आरोपी ने 740 बैग खाद घर के अंदर छुपा रखी थी। कृषि विभाग के जिला स्तरीय निरीक्षण दल के निरीक्षण के दौरान बुधवार को छैगांवमाखन में इंदौर रोड किनारे सलीम पठान के घर बैग दिखाई दिए। घर के अंदर जाकर देखा तो उर्वरक स्टाक कर रखा हुआ था। जांच करने पर 25-25 किलो के कुल 740 बैग अवैध रूप से भंडारित किए गए पाए गए। छैगांवमाखन थाना प्रभारी विक्रम धारवे ने बताया उर्वरक निरीक्षक ईश्वर पिता हीरालाल वास्कले की शिकायत के आधार पर आरोपी सद्दाम पिता सलीम पठान निवासी छैगांवमाखन के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

पांच कंपनियों के चार ट्रांसपोर्टर

इफको कंपनी का ट्रांसपोर्टर शुभम बिरला है। क्रिप्टो भाटी ट्रांसपोर्टर, चंबल का मारूती रोड लाइंस ( त्रिमूर्ति ) है। चौहान ट्रांसपोर्टर के पास कौरव मंडल और एचयूआरएल ( हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड ) खाद कंपनी का भी चौहान

कौरव मंडल ने खाद भेजने से किया इंकार

बैंक की जांच में कौरव मंडल ने सत्तापुर में एक ट्रक खाद भेजने से इंकार किया है। चंबल व एचयूरआरल कंपनी के ट्रांसपोर्ट ने 42 दिन तक सोसायटी में नहीं दिया। मामला गरमाया तो जमा किया। कौरव मंडल के इंकार के बाद जांच में अब 2400 बोरी का मामला सामने आया है।

ट्रांसपोर्टरों को ऐसा पहुंचाया फायदा

रैक पाइंट से 30 जून-2025 को बीड़ा, बीड़, सोमगांव खुर्द और सत्तापुर में समेत अन्य सोसायटियों में चंबल, एचयूआरएल और कौरव मंडल की खाद ट्रांसपोर्टरों को अलाट हुई। 29 जुलाई तक सोसायटी में नहीं पहुंची। रैक पाइंट से सोसायटी तक पहुंचने 2 से 3 घंटे समय लगाता है। जिम्मेदार 30 जून से 11 अगस्त तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। यानी 42 दिन तक खेल चलता रहा। बैंक के कार्य पालन अधिकारी का दावा है कि 11 अगस्त को डीएमओ कार्यालय रिपोर्ट जानकारी भेजी है। जिसमें पता चला कि ट्रांसपोर्टरों के द्वारा जो पावती जमा है वह फर्जी थी। मामले को पत्रिका ने मुद्दा उठाया तो जिम्मेदार जागे। डीएमओ ने पदमनगर थाने में तहरीर दी।

यह कहते हैं अफसर

  • इनका कहना -श्वेता सिंह, डीएमओ...संज्ञान में आया तो प्रारंभिक जांच की। रिपोर्ट में संदिग्ध मिलने पर पद्मनगर थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस जांच कर रही है।
  • इनका कहना : आलोक यादव, मुख्य कार्य पालन अधिकारी, केंद्रीय सहकारी बैंक : संज्ञान में आने के बाद 11 अगस्त को डीएमओ कार्यालय में जांच प्रतिवेदन भेजा दिया था। हमारे यहां से भुगतान नहीं हुआ है। मामला ट्रांसपोर्टर और कंपनी के बीच का है।
  • इनका कहना : प्रभारी डीडीए नितेश यादव, डीडीए : सोसायटियों के मामले में जानकारी सामने आने पर डीएमओ ने केस दर्ज कराया है। कृषि अमला भी लगातार फील्ड में कार्रवाई कर रहा है। अभी छै गांव माखन में केस दर्ज कराया गया है।