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नई शिक्षा नीति : स्कूल चले हम…532 स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं, खतरे में बच्चों की सुरक्षा

स्कूल शिक्षा विभाग के 532 स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है। 167 माध्यमिक और 365 प्राथमिक स्कूल भवन ऐसे हैं जहां चारों ओर ओपन एरिया है। इससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। पढ़ाई या दोपहर की छुट्टी के दौरान बच्चों को बाहर जाने को लेकर डर बना रहता है। यही नहीं स्कूल भवनों में फर्नीचर समेत अन्य सामग्री भी असुरक्षित है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Apr 03, 2026

Primary and secondary schools

खंडवा : @ पत्रिका एआई फोटो...प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है।

स्कूल शिक्षा विभाग के 532 स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है। 167 माध्यमिक और 365 प्राथमिक स्कूल भवन ऐसे हैं जहां चारों ओर ओपन एरिया है। इससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। पढ़ाई या दोपहर की छुट्टी के दौरान बच्चों को बाहर जाने को लेकर डर बना रहता है। यही नहीं स्कूल भवनों में फर्नीचर समेत अन्य सामग्री भी असुरक्षित है।

बाउंड्रीवाल नहीं होने से शिक्षक, अभिभावक भयभीत

एक अप्रेल से घंटी बजते ही स्कूल परिसर चहक उठे। लेकिन शिक्षक और अभिभावक इस बात को लेकर भयभीत रहते हैं कि परिसर में बच्चों के खेलते समय बाहरी व्यक्ति या फिर मवेशी नहीं जाएं। उन्हें मवेशियों के आने से चोटिल होने का डर रहता है। प्राथमिक व माध्यमिक के हेडमास्टर व स्कूलों के प्रिंसिपल बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए चिट्ठियां लिखते हैं। इसके बाद भी न तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और न ही शासन स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है।

70 हजार मीटर बाउंड्री बनाने 60 करोड़ रुपए चाहिए

-प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट में बाउंड्री विहीन प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में 70 हजार 609 मीटर बाउंड्री का निर्माण प्रस्तावित है। प्रति मीटर लागत 5 हजार 320 रुपए है। प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में बाउंड्री निर्माण के लिए 60 करोड़ रुपए की जरूरत है।

बाउंड्रीवाल विहीन स्कूलों भवन में ये खतरे

स्कूल परिसर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश

पशुओं के आने-जाने से गंदगी, बच्चों को चोटिल होने का भय

स्कूल में फर्नीचर, कंप्यूटर आदि की चोरी और तोडफ़ोड़ का डर।

पढ़ाई या दोपहर छुट्टी के दौरान बच्चों के परिसर से बाहर जाने का डर।

स्कूलों के खाली भूमि पर कचरा फेंकना या मवेशियों को बांधना।

स्कूल परिसर के बीचो-बीच रास्ते बना लेना आदि।

स्कूलों में सुरक्षा के ये मुख्य मापदंड

स्कूलों में सुरक्षा के मुख्य मापदंड बाउंड्रीवाल, स्कूल के चारों ओर स्थाई व ऊंची दीवार का निर्माण, परिसर के प्रवेश गेट पर मुख्य द्यारा, निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और जरूरत पड़ने पर गार्ड की व्यवस्था होनी चाहिए।

स्कूल भवन : टिगरिया प्राथमिक स्कूल

टिगरिया प्राथमिक स्कूल में बाउंड्रीवाल नहीं है। यहां बच्चों के बाहर जाने का खतरा हर समय बना रहता है। शिक्षक की सूचना पर विभागीय इंजीनियर ने स्कूल भवन परिसर का परीक्षण किया। 74 मीटर बाउंड्रीवाल निर्माण की जरूरत है।

स्कूल भवन : तिरंदाजपुर प्राथमिक स्कूल

तिरंजदाजपुर गांव के अभिभावक कैलाश का कहा है कि प्राथमिक शाला भवन के चारों ओर खुला हुआ है। बच्चों के खेलते समय डर बना रहता है कि कोई मवेशी नहीं आ जाए। मवेशियों का आना जाना रहता है। इससे परिसर में गंदगी के साथ बच्चों के चोटिल होने का डर रहता है। मात्र 17 मीटर बाउंड्रीवाल की जरूरत है।

स्कूल भवन : कन्या माध्यमिक स्कूल सिहाड़ा

कन्या माध्यमिक स्कूल भवन में लड़कियां पढ़ती हैं। स्कूल भवन में 245 मीटर बाउंड्रीवाल निर्माण की जरूरत है। अभिभावकों ने कई बार सरपंच, क्षेत्रीय विधायक समेत स्कूल के शिक्षकों से मांग की। शिक्षकों ने अभिभावकों से कहा कि प्रस्ताव भेजा है। कई बार रिमांइडर कर चुके हैं।

फैक्ट फाइल

विकास खंड स्कूल

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कुल...532

इनका कहना : पीएस सोलंकी, जिला शिक्षा अधिकारी

शासन स्तर पर हर साल स्कूलों में बाउंड्रीवाल निर्माण कराया जा रहा है। वर्तमान में 54 स्कूलों में बाउंड्रीवाल निर्माणाधीन है। जिन स्कूलों में बाउंड्री नहीं है ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। रिमांइडर भी किया गया है।