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खंडवा. परिवर्तन करने के लिए मजबूत इच्छा शक्ति जरूरी है। फिर चाहे हमारी खाने की आदत हो या फिर कोई अन्य। सदा अपने आप के प्रति सख्त रहें। वहीं खाने में तेल, नमक और शक्कर कम कर दें तो आधी बीमारी बिना दवाई के ही ठीक हो जाएगी। एक किलो सोयाबीन में मात्र 15 प्रतिशत तेल ही निकलता है। जबकि यह मार्केट में बहुत ही सस्ता मिलता है। इसका कारण तेल में केमिकल की मिलावट की जाती है जो हमारी शरीर के लिए हानिकारक है। कभी भी रिफाइन या डबल रिफाइन तेल नहीं खाना चाहिए। आजकल घर में तेल निकालने वाली मशीन आने लगी है। इससे तेल निकालकर उपयोग करना चाहिए।
यह बात तीन दिवसीय मधुर मधुमेह शिविर के दूसरे दिन शनिवार को माउंट आबू से आए डॉ. वल्सलन नायर ने रोगी की जानकारी विषय पर संबोधित करते हुए कही। शिविर का आयोजन पत्रिका, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय और लायंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। समापन रविवार को होगा।
डॉ. नायर ने कहा कि हमारे शरीर के अंग केवल प्राकृतिक चीजों को हजम करने के लिए ही बने हैं। हमारा अग्नाशय केवल १० एमएल दो चम्मच तेल प्रतिदिन पचा सकता है। इससे ज्यादा तेल नुकसान करता है। समुद्री नमक में 50 प्रकार के तत्व होते हैं। समुद्री नमक या सेंधा नमक खाने में नुकसान नहीं है। क्योंकि असली नमक पानी सोखता है और यूरिन में निकल जाता है। लेकिन जब नमक को रिफाइंड करते हैं तो इसमें केवल सोडियम क्लोराइड ही रह जाता है। इसमें बहुत सारे तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसलिए ये नमक शरीर में जमा होता जाता है और पेट बढ़ता है। साथ ही जोड़ों के दर्द बढ़ते हैं, क्योंकि शरीर में इसे बाहर निकालने का सिस्टम ही नहीं है।
402 से 151 पर आ गई शुगर
आदर्शनगर के कैलाशचंद्र आत्रे की शुगर 7 दिसंबर को 402 एमजी थी जो दो दिन के शिविर के बाद 151 पर आ गई। वहीं रामचंद्र दुल्हानी और मीराबाई की शुगर का लेवल भी आधे पर आ गया। शिविर में डायबिटीज रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण में डॉ. आशाराम पटेल, डॉ. नाथूराम गौड़, डॉ. राधेश्याम पटेल का सहयोग रहा। इस दौरान लायंस क्लब के डिस्ट्रिक इमेज बिल्ंिडग चेयरमैन नारायण बाहेती, अध्यक्ष अरुण भट्ट, पूर्व अध्यक्ष बद्रीप्रसाद तिरोले सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य रहने के ये टिप्स भी बताए....
- घी यदि मक्खन से निकाला है तो वह कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाता है। जबकि मलाई से निकाला गया घी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है।
- चाय को कम से कम पीए, क्योंकि चाय की पत्ती को केमिकल मिलाकर और कलर करके बाजार में बेचा जा रहा है जो बहुत ही नुकसानदायक है।
- किसी भी पेड़ की पत्ती या पालक, तुलसी की पत्ती लो उसे उबालकर और दूध मिलाकर उसे उपयोग कर सकते हैं।
- खाने में लाल मिर्च कम उपयोग करें शुगर लेवल कंट्रोल होने लगेगा। हरी मिर्च बीज निकालकर खाएं।
- भोजन में ज्यादा से ज्यादा सलाद कच्चा या उबली सब्जी ही लें।
Published on:
10 Dec 2017 01:41 pm

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