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Video- साफा पहन नाची युवतियां, हुईं वर-वधू के रूप में बग्घी में सवार

गणगौर पर्व..-माता को झाले वारने बैंड-बाजे के साथ निकली महिलाएं-चैत्र शुक्ल तीज पर खुलेगी बाडिय़ां, माता बैठेगी पाठ, बौड़ाएंगे रथ

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खंडवा

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Manish Arora

Mar 21, 2023

खंडवा.
लोकपर्व गणगौर का उल्लास निमाड़ में छाया हुआ है। राजस्थानी मारवाड़ी सैनी समाज द्वारा 16 दिवसीय गणगौर पर्व मनाया जा रहा है। प्रतिदिन माता को पानी पिलाने नवविवाहिताएं, युवतियां वर-वधू वेशभूषा में बाना निकाल रही है। सोमवार को सैनी मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने भवानी माता रोड से बाना निकाला।
बैंड बाजों के साथ साफा पहने युवतियां, नवविवाहिताएं गणगौर गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति देती चल रहीं थीं। बग्घी में वर-वधू के रूप में युवतियां सवार थीं। सोमवार को बाना पार्वती बाई धर्मशाला पहुंचा, जहां गणगौर माता को पानी पिलाकर झाले वारे गए। गणगौर माता को घर ले जाया गया। इस दौरान करिश्मा सैनी, पुष्पा सैनी, लीना, रूचि, क्षमा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां बाने में शामिल हुईं। माता के झाले वारने के बाद बाना वापस भवानी माता तक ले जाया गया। रात्रि में युवतियों, महिलाओं ने भजनों पर नृत्य की प्रस्तुति दी।
बाडिय़ों में गूंज रहे झालरिया गीत
निमाड़ के लोकपर्व गणगौर की शुरुआत चैत्र कृष्ण एकादशी से हो चुकी है। बाडिय़ों में माता के ज्वारे बोने के साथ ही झालरियां गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। माता को झाले वारने के साथ घुघरी-लापसी प्रसादी का वितरण हो रहा है। चैत्र शुक्ल तीज को माता की बाडिय़ां खुलेगी और माता को पाट बैठाया जाएगा। बाडिय़ों में पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु माता के रथ अपने घर ले जाएंगे। घर, सार्वजनिक स्थलों पर माता की पूजा अर्चना के बाद रणुबाई-धनियार राजा को पानी पिलाने ले जाया जाएगा। इसके बाद गणगौर का विसर्जन होगा। मन्नत वाले परिवार रथों को बौड़ाएंगे और अपने घर ले जाएंगे। चैत्र कृष्ण तीज से सप्तमी तक रथ बौड़ाने के साथ भंडारों का आयोजन भी होगा।