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हाई अलर्टः एमपी में बर्ड फ्लू की पुष्टि, पॉजिटिव निकले मृत कौवों के सैंपल

- मृत पक्षी मिलने वाले क्षेत्र होंगे संक्रमित क्षेत्र घोषित- सर्वेलांस टीम करेगी निरीक्षण- एक किमी के दायरे में मौजूद पोल्ट्री फार्मों की भी जांच - पॉजिटिव निकले मृत कौवों के सैंपल- संक्रमित क्षेत्रों में निवासियों की होगी जांच

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खंडवा. शहर में सोमवार को मिले मृत कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग प्रयोगशाला द्वारा जारी की गई जांच रिपोर्ट में खंडवा सहित इंदौर, नीचम, देवास, उज्जैन, खरगोन और भोपाल में भी बर्ड फ्लू होने की पुष्टि की गई है। गुरुवार देर रात अवर सचिव पशु पालन जेएन कंसोटिया द्वारा सभी जिलों के कलेक्टर्स को पत्र जारी कर दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं, खंडवा में गुरुवार को भी दो कौवे मृत मिले है। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मृत पक्षी मिलने वाले स्थानों के आसपास एक किमी का क्षेत्र संक्रमित क्षेत्र घोषित किया जाएगा।

गुरुवार को खंडवा शहर के गणेश तलाई क्षेत्र और छोटा बोरगांव में एक-एक कौवा मृत मिला है। इसके पूर्व सोमवार को गोलमाल बाबा क्षेत्र में एक कौवा और पांच बगुले मृत मिले थे। इसी क्षेत्र में मंगलवार को भी मृत पक्षी मिले थे। वहीं, बुधवार को खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र में 14 कौवें और रामनगर मल्टी क्षेत्र में कुछ कौवें मृत पाए गए थे। सोमवार को मृत मिले कौवें की सैंपल जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि पशु चिकित्सा विभाग ने अभी इसकी अधिकृत घोषणा नहीं की है, लेकिन भोपाल से वायरल हो रहे अवर सचिव जेएन कंसोटिया के दिशा निर्देश पत्र में खंडवा सहित सात जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है।
अपर मुख्य सचिव द्वारा कलेक्टरों को दिशा निर्देश जारी

अपर मुख्य सचिव पशुपालन जेएन कंसोटिया ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को बर्ड फ्लू की रोकथाम और नियंत्रण करने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी कलेक्टरों को पशुपालन, वन, स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय व अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक कर किसी इमरजेंसी से निपटने की पूर्ण तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। दिशा निर्देशों में कहा गया है कि पशु चिकित्सा विभाग के जिला कार्यालय में कंट्रोल रूम की स्थापना के साथ ही पीपीइ किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सैंपल एकत्र और डिस्पोजल के समय विभागीय अमला अनिवार्य रूप से पीपीइ किट पहने।


संक्रमित क्षेत्रों में होगी पक्षियों की सैंपलिंग

उपसंचालक पशु पालन डॉ. राजू रावत ने बताया कि बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर जिन क्षेत्रों में मृत कौवें मिले थे, उन स्थानों के एक किमी के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया जाएगा। यहां पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग सर्वेलांस टीमें लगाई जाएगी। संक्रमित क्षेत्र में कौवों सहित अन्य पक्षियों की बीट के सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। साथ ही पोल्ट्री फार्मों में भी निरीक्षण कर सैंपल लिए जाएंगे। यहां बीमार मुर्गे, मुर्गियों को नष्ट भी किया जाएगा। वहीं, सुंक्रमित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मृत पक्षी मिलने पर उससे दूर रहे और तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दें।

बर्ड फ्लू रोग रेपिड रिस्पोंस टीम गठित

बर्ड फ्लू रोग से निपटने के लिए पशुचिकित्सा सेवा विभाग ने रेपिड रिस्पोंस टीम का गठन किया है। उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. राजू रावत ने बताया कि इस टीम में पशु चिकित्सकों व सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को शामिल किया गया है। इन दलों के अधिकारी कर्मचारियों को एवियन इन्फ्लूएंजा 2015 के दिशा निर्देश अनुसार रोग नियंत्रण संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में वन मंडल अधिकारी को निर्देश दिए गए है कि वे वन विभाग के अमले को पशु चिकित्सा विभाग के अमले के सहयोग के लिए निर्देशित करें।