
Happy janmashtami-2019: बच्चों ने मचाया गजब का धमाल, कोई बना सुदामा, तो कोई नंदलाल
खंडवा. होलाष्टक फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 21 मार्च से लगेंगे। होली से 8 दिन पहले लगने वाले होलाष्टक के इन 8 दिनों में सभी शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। होलाष्टक शब्द होली और अष्टक से मिलकर बना है, जिसका मतलब होता है होली के आठ दिन। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। उसके अगले दिन सुबह रंग वाली होली यानी धुलेंडी खेली जाती है।
ज्योतिषशास्त्री के मुताबिक शुभ एवं मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नवीन कार्य, व्यापार शुभारंभ गृह निर्माण प्रारंभ करने आदि के लिए होलाष्टक का समय उपयुक्त नहीं माना जाता। हालांकि, फाल्गुन माह भगवान कृष्ण और शिवजी को समर्पित होता है, इसलिए होलाष्टक की अवधि में इनकी पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि होली के दिन 28 मार्च को कन्या राशि में चंद्रमा का गोचर होगा। गुरु और शनि मकर राशि में होंगे। इसे शनि-गुरु की युति को विशेष योग माना जाता है। बृहस्पति की गणना नैसर्गिक रूप से शुभ ग्रह में होती है तो शनि को क्रूर ग्रहों में प्रमुख माना जाता है। दोनों ही ग्रह न्याय के पक्षधर हैं और जहां शनि क्रूरता से कर्म फल प्रदान करते हैं, वहीं बृहस्पति देव उदारता का परिचय देते हुए सही मार्ग का रास्ता दिखाते हैं।
Published on:
20 Mar 2021 11:43 am
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
