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तेज हवा से नर्मदा में समाई तीन करोड़ की हाउस बोट

पर्यटन केंद्र हनुवंतिया का मामला: हाइड्रा की मदद से निकाला बाहर  

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Tourist center hanuvantia

Tourist center hanuvantia

खंडवा . दो दिनों से चल रही शीतलहर तेज हो गई है। गुरुवार शाम को तेज हवा चलने से पर्यटन केंद्र हनुवंतिया में तीन करोड़ से अधिक की लागत से केरल की तर्ज पर दूसरे जल महोत्सव के दौरान चलाई गई हाउस बोट गुरुवार को नर्मदा की लहरों में आधी डूब गई। हाउस बोट तट पर क्रूज और छोटी बोटों के साथ खड़ी थी। शुक्रवार की सुबह खबर लगते ही पर्यटन केंद्र में हड़कंप मच गया। मोटर पंपो के माध्यम से हाउसबोट में भरे पानी को निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद हाउस बोट को खींचने के लिए हाइड्रा बुलवाया गया। हाइड्रा के आने के बाद हाउस बोट को खींच कर पानी से बाहर निकाला गया, तब जाकर जिम्मेदारों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार हनुवंतिया पर्यटन केंद्र में पहले अधिक स्टाफ था और हाउस बोट की सुरक्षा के लिए स्टाफ तैनात था। अब स्टाफ कम कर दिया है। इसलिए सुरक्षा में चूक हुई है।

पर्यटकों की शिकायत के बाद हाउस बोट हुई बंद
दूसरे जल महोत्सव के समय पर्यटकों को हनुवंतिया की ओर आकर्षित करने के लिए केरल की तर्ज पर दो हाउसबोट बनाई गईं, जिसका शुभारंभ 15 दिसंबर 2016 को किया गया और एक साल तक यह हाउसबोट पर्यटकों को बैक वाटर में आनंद देती रही, जिससे पर्यटन विभाग को &1 लाख के लगभग आय हुई थी। एक हाउस बोट में तीन कक्ष होते हैं। प्रत्येक कक्ष का चार्ज 6 हजार रुपए से अधिक था। यह हाउसबोट शांत लहरों के लिए बनी है और हनुवंतिया पर्यटन स्थल में जो बैक वाटर है, उसमें लहरें उठती रहती हैं, जिसके कारण पर्यटकों को रात में रुकने में असुविधा होती थी। पर्यटकों की शिकायत पर इसको बंद कर दिया गया। वर्ष के बारह माह में तीन सालों से यह हाउसबोट 8 माह पर्यटन केंद्र के किनारे पर खड़ी रहती है और ग्रीष्मकाल में जब पानी कम हो जाता है तो 4 माह बोरिया माल टापू की शोभा बढ़ाती है। तीन करोड़ की लागत से बनी हाउस बोट की दुर्दशा पर पर्यटन विभाग आंखें मूंद कर बैठा हुआ है। जब यहां की लहरों पर यह वोट चल ही नहीं सकती थी तो तीन करोड़ की बर्बादी करने के पीछे जो जिम्मेदार है उस पर भी कार्रवाई होना चाहिए।

पिछले वर्ष नवंबर में 10 लाख और इस वर्ष बढ़कर 14 लाख हुई आमदनी
कोरोना काल में जहां सभी स्थलों पर व्यापार में अंतर पड़ा है वहीं पर्यटकों का रुख हनुवंतिया पर्यटन स्थल को लेकर अलग है। जानकारी के अनुसार पिछले साल नवंबर माह में पर्यटन विभाग को हनुवंतिया पर्यटन केंद्र से 10 लाख की आय हुई थी, लेकिन इस वर्ष नवंबर माह में वह भी कोरोना काल में अब तक पर्यटन विभाग को हनुवंतिया पर्यटन केंद्र से कॉटेज और अन्य स्थलों से 14 लाख के लगभग आय हुई है । अभी दो दिनों पूर्व ही यहां पर 6 वर्ष के हनुवंतिया पर्यटन केंद्र के इतिहास में पहली बार वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें इंदौर से आए परिवार ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए यहां पहली शादी संपन्न हुई।

अब तक चार जल महोत्सव
पर्यटन केंद्र हनुवंतिया में पांच वर्ष में चार जल महोत्सव हो चुके हैं, जिसमें प्रदेश सहित विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं।
पहला जल महोत्सव 12 से 21 फरवरी 2016 तक- पहले जल महोत्सव के समय पर्यटन केंद्र पर एंट्री नहीं लगी थी और यह नि:शुल्क था, जिसके कारण आने-जाने वालों की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार 10 दिन के जल महोत्सव मे 70 हजार के लगभग पर्यटक पहुंचे थे।
दूसरा जल महोत्सव 15 दिसंबर 2015 से 15 जनवरी-2017- एक माह तक चले दूसरे महोत्सव में एक लाख 1& हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे।
तीसरा जल महोत्सव 15 अक्टूबर 2017 से 2 जनवरी 2018 तक- 77 दिनों तक चले जल महोत्सव में 86 हजार के लगभग पर्यटक पहुंचे।
चौथा जल महोत्सव & जनवरी से & फरवरी 2020 तक- एक माह तक चले महोत्सव में केवल 15 हजार पर्यटक ही हनुवंतिया पहुंचे।

गुरुवार रात में तेज हवा चली, जिसके कारण हाउस बोट का बैलेंस बिगड़ गया और हाउसबोट के पिछले हिस्से में पानी चला गया है। हाइड्रा के माध्यम से बाहर निकाला गया है। हाउसबोट को सैलानी भेजा जाना था, लेकिन टेंडर के अभाव में नहीं भेजा गया।
दिनेश कुमार शर्मा, प्रबंधक हनुवंतिया पर्यटन केंद्र