
नेशनल लोक अदालत - माता-पिता को साथ देखकर मुस्करा उठे दोनों बच्चे
यह सब जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में हुआ। करीब 10 साल बाद दोनों एक बार फिर शनिवार को कुटुंब न्यायालय की खंडपीठ में एक हो गए। पति अश्विनी के अधिवक्ता अशफाक खान ने बताया कि पत्नी अनिता ने भरण-पोषण का केस दायर किया था। वर्ष 2013 में दोनों की शादी हुई थी, जिससे एक लड़का और एक लड़की है। शादी के कुछ साल बाद आपसी मनमुटाव और वैचारिक मतभेद के चलते दोनों अलग हो गए। अश्विनी अपनी बुजुर्ग माँ के साथ इंदौर में रहने लगा, वहीं पत्नी अनिता खंडवा में दोनों बच्चों के साथ रह रही थी। दोनों करीब दस साल से अलग थे। भरण-पोषण का केस दायर होने के बाद पति करीब आठ बार पेशी पर नहीं आया। इस बीच पत्नी को पता चला कि पति को गंभीर बीमारी है और वह इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। यह पता चलने पर पत्नी, पति से मिलने अस्पताल पहुँची। पति की एक किडनी खराब हो गई थी। यह देख पत्नी का दिल पसीज गया।
शनिवार को पत्नी बच्चों के साथ और पति अपनी बुजुर्ग मां के साथ नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ में पेश हुए। यहां प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता जैन तथा कुटुंब न्यायालय के अध्यक्ष योगराज उपाध्याय ने दोनों को समझाइश दी। कोर्ट में पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया। करीब 10 साल बाद पिता के प्यार को तरस रहे बच्चों के चेहरे भी खिल गए।
Published on:
11 May 2025 12:44 pm

बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
