
Is this a girls' school or a camp for animals?
खंडवा. ये कन्या पाठशाला है या जानवरों का डेरा! जब तक स्कूल के बोर्ड पर नजर नहीं पड़ी थी तब तक तो ऐसा ही लगा कि सरकारी जमीन पर मवेशियों का डेरा है। जब नजर उठाकर देखा तो पढ़ने में आया कि यह खंडवा की शासकीय माध्यमिक कन्या शाला पड़ावा है। देखकर हैरत हुई कि जहां बालिकाओं का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है वहां इतने खतरनाक जानकार क्यों घूम रहे? आस पास का जायजा लेने पर पता चला कि स्कूल परिसर को सुरक्षित रखने के लिए लगाई गई लोहे की जाली टूटने के बाद स्कूल प्रबंधन इसकी मरम्मत नहीं करा सका। इसलिए खच्चर, घोड़े, ***** कई बार बच्चों के क्लास रूम तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा यहां सवालों को घेरे में है।
खुद को बचाएं या किताब बांचें
शासकीय विद्यालयों को निजी स्कूल की तर्ज पर साफ सुथरा और बेहतर बनाने की कवायद में सरकार जुटी है। जहां बच्चों की सेहत, सुरक्षा से लेकर उनके मानसिक विकास का खाका तैयार किया जा रहा है। ऐसे में पड़ावा की कन्या माध्यमिक शाला का हाल देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चे यहां खुद को बचाएं कि किताब बांचें।
जर्जर भवन की सुध नहीं
स्कूल परिसर में नए भवन को जर्जर होते समय नहीं लगा। बाहरी फेंसिंग टूटने के बाद यहां जानवरों की आवाजाही बढ़ गई तो तो नए भवन को बंद कर दिया गया। यहां बता दें कि महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल के ठीक बगल से यह स्कूल बना है। आस पास मोहल्ले की सैकड़ों छात्राएं यहां हर रोज पढ़ने आती हैं। स्कूल में स्टॉफ भी पर्याप्त है, लेकिन छात्राओं की सुरक्षा शून्य है।
गंदगी के बीच कन्या शाला
स्कूल के चारों तरफ गंदगी है, इसकी जगह यह कहना लाजमी होगा कि माध्यमिक कन्या शाला गंदगी के बीच संचालित है। सुअरों ने यहां डेरा जमा रखा है। आस पास तमाम गंदगी और झाड़ लगे हैं। पास की सिंधी कॉलोनी के कुछ लोग यहां स्कूल परिसर में ही शौच करने भी आते हैं। कचरा फेंकने के लिए भी परिसर का इस्तेमाल हो रहा है। स्कूल आने वाली छात्राओं और यहां के स्टॉफ को पहले गंदगी का सामना करना है, फिर जानवरों से बचते हुए निकलना पड़ता है। ऐसा कई महीनों से चल रहा है, लेकिन स्वच्छता और सुरक्षा की ओर किसी का ध्यान नहीं।
नए भवन को स्टोर बना दिया
महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय विद्यालय की छठवीं से आठवीं तक की शाला इस परिसर में लगती हैं। यहां कुल 417 छात्रां हैं। परिसर में जो नए भवन बने हैं, उन्हें स्टोर रूम बनाकर कबाड़ भर दिया। जबकि पुराने भवन में कक्षाएं लग रही हैं। यहां के शिक्षक बताते हैं कि बाउंड्री सड़क के लेबल पर आ चुकी हैं, जिसकी फेंसिंग उखड़े कई महीने हो गए। बाहरी लोग परिसर में गंदगी करते हैं। कुछ लोग बोरे में भरकर यहां ***** छोड़ जाते हैं। कई बार स्कूल का चेनल गेट बंद करना पड़ता है, ताकि जानवर अंदर ना पहुंचें।
छात्राओं की संख्या
छठवीं- 135
सातवीं- 137
आठवीं- 145
.......
वर्जन...
छात्राओं की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा। पूर्व में भी नगर निगम का सहयोग मांगा था। अब फिर से पत्र लिखते हैं। कल स्कूल परिसर के हालात दिखवाते हैं।
- प्यार सिंह सोलंकी, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, खंडवा
Published on:
19 Feb 2023 12:52 pm
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
