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न्यायिक गैर न्यायिक स्टाम्प 20 फीसदी अधिक दाम पर बेचा रहे वेंडर, जिम्मेदार तमाशबीन

कचेहरी से लेकर तहसील तक जिलेभर में मैन्युअल स्टांप 44 वेंडर अधिकृत हैं। जबिक 100 से ज्यादा सर्विस प्रोवाइडर इ-स्टापं बेच रहे हैं

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खंडवा

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Rajesh Patel

Jun 12, 2022

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खंडवा

जिले में ज्यूडिशियल नाॅन ज्यूडिशियल स्टांप में वेंडर 20 फीसदी अधिक दाम में बेचा जा रहा है । सरकार स्टांप विक्रेताओं को डेढ़ से दो फीसदी मुनाफा एडवांस दे रही है। बावजूद इसके कचहरी से लेकर तहसील तक स्टांव वेंडर और सर्विस प्रोवाइडर मनमानी कीमत वसूल रहे। यह सब आला अफसरो की नाक के नीचे हो रहा है। फिर भी जिम्मेदार तमाशबीन बने हुए हैं।

स्टांप विक्रेता ने कहा 500 रुपए का इ-स्टांप 600 रुपए में बिक रहा
कचेहरी परिसर में मैन्युअल और इ-स्टांप वेंडरो की टेबल लगी है। गुरुवार को अवकाश के दिन भी 10-15 स्टांप वेंडर टेबल पर स्टांप बेच रहे थे। छैगांव माखन क्षेत्र से कचहरी पहुंचे मोतीलाल स्टांप वेंडर से 10 व 50 रुपए के स्टांप लेने पहुंचे। पूछने पर वेंडर ने बताया 10 रुपए का स्टांप 15 रूपए में और 100 रुपए का स्टांप 110 रुपए का मिलेगा। मोतीलाल ने स्टांप विक्रेता से बोले, स्टांप ज्यादा लेना है। बुजुर्ग स्टांप विक्रेता ने कहा 500 रुपए का इ-स्टांप 600 रुपए में बिक रहा है। ऑनलाइन वाले दस का इ-स्टांप 20 रुपए में बेच रहे। हम तो पुराने स्टांप विक्रेता हैं। इस लिए ज्यादा नहीं ले रहे हैं। ये कहानी अकेले मोतीलाल की नहीं बल्कि हर स्टांप खरीदार को अधिक कीमत चुकानी पड़ी रही है।

ऐसे समझें मनमानी
सरकार ज्यूडिशियल नाॅन ज्यूडिशियल स्टांप में दो फीसदी एडवांस कमीशन दे रही है। उदाहरण सरकार 100 रुपए का स्टांप 98 रुपए में वेंडर को दे रही है। लेकिन स्टांप वेंडर 100 रुपए का स्टांप 110 रुपए में बेच रहे हैं। इस औसत से बीस फीसदी अधिक चार्ज वसूल रहे हैं। यदि इस औसत से वित्तीय वर्ष में स्टांप की हो रही खपत का औसत लिया जाए तो 50 करोड़ के स्टांप में एक करोड़ रुपए की अतिरिक्त चार्ज वसूल किया जा रहा है।

जमीन की रजिस्ट्री में हर साल 50 करोड़ से ज्यादा की खपत
बीते वित्तीय वर्ष में जमीन की रजिस्ट्रियों में 50 करोड़ रुपए से अधिक के स्टांप की खपत है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2020 से अब तक लगभग पांच करोड़ के मेन्युअल स्टांप से खजाने में जमा हुए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में दस, बीस, पचास व सौ रुपए के लगभग 62 लाख रुपए कीमत के स्टांप की बिक्री हो चुकी है।

44 वेंडर बेच रहे मैन्युअल स्टांप
कचेहरी से लेकर तहसील तक जिलेभर में मैन्युअल स्टांप 44 वेंडर अधिकृत हैं। जबिक 100 से ज्यादा सर्विस प्रोवाइडर इ-स्टापं बेच रहे हैं। मैन्युअल में दस, बीस, पचास और सौ के स्टांप बिक रहा है। छोटे कीमत के स्टांप शपथ पत्र आदि में उपयोग किए जा रहे हैं। सौ से अधिक कीमत के स्टांप इ-स्टांप उपयोग किया जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री में इ-स्टांप का उयोग हो रहा है।

वर्जन
ऐसी जानकारी नहीं है, अगर इस तरह शिकायत मिलती है तो वेंडरो की जवाबदेही तय की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रभात बाजपेयी, जिला पंजीयक