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किसानों को होगा लाभ, सत्ता के विरोध में रहेगा श्रमिक वर्ग

देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु 4 माह के लिए क्षीरसागर में विश्राम करेंगे। देवशयनी एकादशी जिन योग-संयोग में आ रही है वह किसान वर्ग के लिए तो लाभदायक है, लेकिन श्रमिक वर्ग सत्ता की नीतियों से असंतुष्ट रहेगा। इन चार माह में देश में बड़े मजदूर आंदोलन का भी आगाज हो सकता है। 

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Rajiv Jain

Jul 04, 2017

jyotish prediction Farmer in profit

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धर्म-आराधना के साथ ही आत्मोद्धार के लिए भारतीय संस्कृति में श्रेष्ठ माने गए चतुर्मास का आगाज 9 जुलाई से होगा। इसके पूर्व मंगलवार को देवशयनी एकादशी के साथ ही 4 माह के लिए सृष्टि का संचालन आदिदेव महादेव संभालेंगे। देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु 4 माह के लिए क्षीरसागर में विश्राम करेंगे। देवशयनी एकादशी जिन योग-संयोग में आ रही है वह किसान वर्ग के लिए तो लाभदायक है, लेकिन श्रमिक वर्ग सत्ता की नीतियों से असंतुष्ट रहेगा। इन चार माह में देश में बड़े मजदूर आंदोलन का भी आगाज हो सकता है। व्यापारियों के लिए भी यह 4 माह चिंताजनक रहेंगे वहीं देश के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में महामारी का प्रकोप हो सकता है।


सामान्य, लेकिन श्रेष्ठ वर्षा होगी
देवशयनी एकादशी मंगलवार को होने से किसान वर्ग को अच्छा लाभ होगा। इस दिन चंद्रमा जहां विशाखा नक्षत्र में तो सूर्य आद्र्रा नक्षत्र में रहेगा। दोनों मित्र ग्रहों के मित्र नक्षत्र में होने से वर्षाकारक योग बन रहा है। इसके कारण वर्षा सामान्य होने के बावजूद श्रेष्ठ रहेगी। इस वर्ष कपास व अनाज का बंपर उत्पादन होगा। इसके साथ ही व्यापारी वर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान सरकारों के और अधिक कठोर निर्णय सामने आ सकते हैं। इसके कारण व्यापार जगत में आशंकाओं का माहौल रहेगा।



पशु-पक्षियों पर 4 माह भारी
मंगलवार को देवशयनी एकादशी होने से 4 माह पशु-पक्षियों पर बेहद भारी पड़ेंगे। पशु-पक्षियों में बीमारियां बढेंगी। इसके साथ ही देश के दक्षिण-पश्चिम राज्यों में महामारी का प्रकोप हो सकता है। इसी प्रकार रक्त व वायु संबंधी बीमारियों से आम जनजीवन परेशान रहेगा। रेल व सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी होगी।


दोनों नवरात्र क्षय तिथि में आई
चैत्र नवरात्र का प्रारंभ क्षय तिथि में हुआ था। इसी प्रकार गुप्त नवरात्र का आगाज भी क्षय तिथि में होने से इसके विपरीत परिणाम दिखाई देंगे। इनका प्रभाव 20 सितंबर तक रहेगा। इस संबंध में पंडित राजेंद्र परसाई ने बताया कि इस दौरान सत्ता व संगठनों के साथ ही प्रशासन में भारी बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही देश की गुप्त जानकारियां विदेशी मुल्कों के हाथ लग सकती है। इससे अफरा-तफरी का माहौल रहेगा। इसके साथ ही 8 माह उपद्रव बढेंगे।

गो-विष्णु व पृथ्वी पूजन लाभदायी
इन चार माह में वैसे तो विशेष तौर पर धर्म-आराधना की जाती है। ग्रहों के विपरीत प्रभाव से बचने के लिए विशेष-पूजन का प्रावधान है। पंडित परसाई ने बताया कि इन चार माह में गोमाता के साथ ही भगवान विष्णु व पृथ्वी का पूजन व आराधना आम लोगों के लिए लाभदायी रहेगी।

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