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कोर्ट ने की टिप्पणी- समाज में बढ़ रही है नाबालिग को ले जाने की घटनाएं क्योंकि वो अपना भला-बुरा नहीं सोच सकती

न्याय की खबर...नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपित को कारावास व अर्थदंड।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Jul 05, 2018

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खंडवा. 'समाज में अवयस्क (नाबालिग) पीडि़ता को ले जाने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अवयस्क पीडि़ता अपना भला-बुरा नहीं सोच सकती है। एेसी स्थिति में उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाया जाता है।' ये टिप्पणी न्यायालय ने अपने निर्णय में व्यक्त की है।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे द्वारा जावर थाना क्षेत्र के नेतनगगांव निवासी आरोपित संजू नानसिंह चौहान (19) को धारा 363 के अपराध में 2 साल का सश्रम कारावास व 2 हजार रुपए से दंडित किया गया है। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरएस भदौरिया ने किया। मामला १ जून 2017 का है। दगडि़या निवासी 17 वर्षीय पीडि़ता को आरोपित संजू शादी का झांसा देकर भगाकर ले गया था। पुलिस ने पीडि़ता को आरोपित संजू के घर से उसके पिता को सौंपा।

...और इधर, महिला से छेड़छाड़ करने वाले को मिली सजा
विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) न्यायालय खंडवा सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा घासपुरा निवासी आरोपित अन्नू उर्फ हनीफ पिता इब्राहिम (55) को धारा 354 के अपराध में १ वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपए का अर्थदंड व धारा 323 में 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। 28 नवंबर 2015 को 22 वर्षीय महिला के साथ छेड़छाड़ की थी।

...इधर, दो लड़कियों को पुलिस ने ढूंढा
7 साल पहले स्कूल जाने का घर कहकर घर से निकली नाबालिग को जावर पुलिस ने रतलाम के ग्राम मागरोद से ढंूढा। बुधवार को पुलिस उसे परिजनों से मिलवाने के लिए थाने लेकर आई। 7 साल बाद परिजन बेटी को देखकर खुश हुए और पूरे थाने में मिठाई बांटी। 29 जनवरी 2011 को बालिका कोलगांव स्कूल जाने का कहकर घर से निकली थी। लेकिन लौटी नहीं, मामले में परिजनों ने गुमाशदगी दर्ज करवाई थी। उसने बताया वह घर से जाकर इंदौर में मजदूरी कर रही थी। बालिग होने पर उसने गांव के अनिल से शादी कर ली। दोनों रतलाम में ईंट भट्टे पर काम करने लगे।

रिश्तेदारों से पुछताछ पर मोबाइल नंंबर से मिला सुराग
पुलिस ने निशा के रिश्तेदारों से पुछताछ की। पुछताछ में पुलिस को कुछ मोबाइल नंबर मिले। इन नंबरों पर कॉन्टेंक्ट करने पर पता चला की निशा रतलाम के आसपास किसी गांव में है। इसपर टीम गठित कर मंगलवार को पुलिस रतलाम पुहंचीं। यहां लोगों से पुछताछ करने पर पता चला की निशा रतलाम के ग्राम मागरोद में रह रही है। मागरोद से उसे बयान लेने के लिए जावर लाया गया। परिजनों से मिलवाया।

मारपीट करते थे परिजन, एक साल पहले चली गई थी सपना
दो दिन पूर्व सोमवार को पुलिस ने एक साल पहले घर से बिना बताए गई उसको ढंूढा और परिजनों से मिलवाया। पुलिस के अनुसार कविता (परिवर्तित नाम) एक साल पहले परिजनों को बिना बताए घर से चली गई थी। पुलिस ने बीते सोमवार उसे इंदौर से ढंूढा थाना प्रभारी सिंह ने बताया मुखबिर से सूचना मिली की वह इंदौर में मजदूरी कर रही थी। टीम को भेजा जहां से उसे बयानों के लिए थाने लेकर आए। परिजनों से मिलवाया। उसने बयान में बताया बालिग होने पर उसने अपने गांव के ही लड़के से शादी कर ली। दोनों इंदौर में रह रहे थे। उसे पति के साथ वापस भेज दिया।