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ओंकार पर्वत पर बनाई जाएगी प्रदेश की दूसरी वेद विज्ञान शाला

उज्जैन में विक्रम विश्व विद्यालय में चल रही पढ़ाई। नक्षत्र गार्डन और राज राजेश्वरी संस्थान की जमीन का होगा अधिग्रहण।  
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veda vigyan shala

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खंडवा. ओकारेश्वर में प्रदेश की दूसरी शासकीय वेद विज्ञान शाला तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत पर बनाई जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग ने जमीन चिह्नित कर ली है। इसमें पर्वत पर बने नक्षत्र गार्डन और राज राजेश्वरी संस्थान की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। पुराने स्ट्रक्चर को तोडऩे की बजाय उसका उपयोग भी विज्ञान शाला को बनाने में किया जाएगा। करीब 30 एकड़ जमीन का नक्शा बनाकर शासन को भेज दिया गया है, ताकि शासन आगे की प्लानिंग कर सके। इस प्रस्ताव में तीन एकड़ भूमि शंकराचार्य के अष्टधातु की आकर्षक प्रतिमा के लिए भी आरक्षित की गई है।

विक्रम विश्व विद्यालय से होगा अनुबंधित
प्रदेश में कुल चार वेद विज्ञान शाला चल रहे हैं। इसमें भी तीन सरकार से अनुदान प्राप्त हैं, जबकि एक विक्रम विश्व विद्यालय उज्जैन से चल रहा है। अब नया ओंकारेश्वर में खुलने जा रहा है। इसके लिए सरकार ने प्रपोजल तैयार कर लिया। राजस्व विभाग से भूमि मांगी थी। राजस्व विभाग ने जमीन तय करके शासन को भेज दिया है।

इसलिए पर्वत पर हो रहा निर्माण
ओंकार पर्वत का करीब 60 प्रतिशत निर्माण अवैध है, जिसे अतिक्रमण करके बनाया गया है। इसमें सबसे अधिक अतिक्रमण नक्षत्र गार्डन बनाकर किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश से उसका निर्माण तोड़कर शासन ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। जबकि राज राजेश्वरी संस्थान का केस दिल्ली में चल रहा है, लेकिन संस्थान स्वयं ही निर्माण प्रशासन को देने को कह चुका है। इसमें पूरा भवन और पार्क के अलावा 90 फीट ऊंचे भगवान भोले नाथ का मंदिर भी शामिल है।

तय कर दी गई है जमीन
शंकराचार्य की प्रतिमा और वेद विज्ञान शाला बनाने के लिए शासन ने जमीन की मांग की थी। जमीन का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया गया है। आगे कब बनेगा इसके बारे में शासन से ही जानकारी मिल सकती है। अरविन्द चौहान, एसडीएम पुनासा