15 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पोषण वाटिका से मिटाएंगे कुपोषण का दंश

किचन गार्डन से महक रही ग्रामीण महिलाओं की रसोई-आदिवासी अंचल के 30 गांव में 480 महिलाओं ने अपनाया किचन गार्डन

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Manish Arora

Feb 02, 2021

पोषण वाटिका से मिटाएंगे कुपोषण का दंश

किचन गार्डन से महक रही ग्रामीण महिलाओं की रसोई-आदिवासी अंचल के 30 गांव में 480 महिलाओं ने अपनाया किचन गार्डन

खंडवा.
आदिवासी अंचल के गांवों में किचन गार्डन की सब्जियों की महक से ग्रामीण महिलाओं की रसोई महक रही है। ये सब एक संस्था द्वारा पोषण वाटिका किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि इन किचन गार्डन पोषण वाटिकाओं से मिलने वाली सब्जियों से पूरे परिवार खासतौर पर एनिमिया ग्रसित बच्चों, किशोरियों, महिलाओं और कुपोषित बचचों को पूरा पोषण मिले। इन पोषण वाटिकाओं का निर्माण खंडवा डायोसिस सोशल सर्विसेस द्वारा कराया जा रहा है। आदिवासी अंचल में महिलाएं पोषण वाटिकाओं के माध्यम से ताजी जैविक मौसमी सब्जियों का लाभ उठा रही हैं।
केडीएसएस द्वारा मां और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए खालवा ब्लॉक के 30 गांवों में निरंतर नए प्रयोग किए जा रहे हैं। केडीएसएस ने कारितास इंडिया के सहयोग से सबल परियोजना के तहत पोषण वाटिका तैयार कराई है। जिसमें घर के आसपास 20 बाय 20 की जमीन पर पोषण वाटिका बनाकर मौसमी सब्जियां उगाई जा रही है। अब तक पोषण वाटिका को 30 गांवों में 480 परिवार अपना चुके हैं। वहीं, 10 आंगनवाडिय़ों में भी पोषण वाटिका बनाई गई है। संस्था के फादर जयन अलेक्स ने बताया कि इन पोषण वाटिकाओं से परिवार को पूरे साल तरह-तरह की मौसमी सब्जियां मिलती है। इन सब्जियों से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों की पौष्टिक आहार की जरूरत पूरी होती है। पोषण वाटिकाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं में एनिमिया और बच्चों में कुपोषण भी कम हुआ है।
सब्जी का खर्च भी बच रहा
पोषण वाटिकाओं में उगाई जा रही सब्जियों से जहां इसे अपनाने वाले ग्रामीण परिवारों के रोज के भोजन में विविधता आई है। वहीं, सब्जियों पर रोजाना होने वाला खर्च भी इन परिवारों का बचने लगा है। बाजार में मिलने वाली सब्जियों में रासायनिक खाद का प्रयोग किया जाता है, जबकि पोषण वाटिका में घर में उपलब्ध गोबर खाद, सूखी पत्तियों आदि से खाद बनाकर डाला जा रहा है। पूर्णत जैविक होने से ये सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ ही पूरा पोषण भी दे रही हैं। फादर अलेक्स ने बताया कि केडीएसएस ये भी सुनिश्चित कर रहा है कि ये 480 पोषण वाटिकाएं स्थाई रहे।

बड़ी खबरें

View All

खंडवा

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग