
mp election 2018: now about pandhana bjp candidate details and issue
खंडवा. जिले की पंधाना विधानसभा सीट पर भाजपा ने नए चेहरे के रूप में राम दांगोरे पर भरोसा जताया है और यहां से वर्तमान विधायक योगिता बोरकर का टिकट काटा है। वे भी टिकट की दौड़ में शामिल थीं। उनके अलावा लक्ष्मण दरबार ने भी बीते डेढ़ साल में सतत सक्रियता दिखाते हुए टिकट की अर्जी लगाई थी। अब वे 3 नवंबर यानी कल पंधाना विधानसभा में फिर एक सभा करने जा रहे हैं, जिसे टिकट नहीं मिलने के बाद उठाया जाने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है। राम के लिए सभी को साधना मुश्किल नजर आ रहा है। कुल 246454 मतदाता हैं और पिछली जीत-हार का अंतर 17261 है।
विधायक योगिता बोरकर का टिकट कटने के पीछे उनके पति नवलसिंह बोरकर के व्यवहार व छवि को बताया जा रहा है। यहां से राम दांगोरे को टिकट मिला है, ये चौंकाने वाला मामला रहा। हालांकि भाजपा के आंतरिक सर्वे में राम का नाम सबसे ऊपर ही था। टिकट तय होते ही राम ने खंडवा के सराफा बाजार स्थित गणेश मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन किया। दादाजी धाम पहुंचे और मत्था टेका। पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष व अन्य ने जोश में होश रखने की बात कही।
इनकी भूमिका: पंधाना विस क्षेत्र के शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सतत दखल रखा। यहां भील समाज के युवाओं को जोडऩे के लिए अभियान चलाए। शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई। सामाजिक आयोजनों के लिए सहभागिता करते हुए आधार तैयार किया। लोगों को क्षेत्र के मुद्दों के निराकरण के लिए आगे आने का वादा किया।
प्रोफेशन: श्री हनुमान इंटरप्राइजेस के नाम से शॉप, बडि़या खारवा में खेती आजीविका का जरिया।
सोशल मीडिया की लास्ट पोस्ट: पिता रमेशचंद दांगोरे की पुण्यतिथि पर ‘दुनिया की हर दौलत तुम्हारी खिदमत में पेश कर दी थी, बस धडक़नें ही खरीद न पाया’ 1 नवंबर को पोस्ट की थी।
पहचान: युवा छात्र नेता के रूप में।
राजनीतिक अनुभव: 2006में 10वीं कक्षा में चुनाव जीतने के बाद से राजनीति की तरफ आकर्षित। एबीवीपी में नगर कार्यालय मंत्री से शुरूआत। जिला प्रमुख तकनीकी विद्यार्थी, प्रदेश प्रमुख जनजातीय विद्यार्थी, जिला संगठन मंत्री धार रहे। वर्तमान में भील समाज युवा मोर्चा व मोदी आर्मी जिलाध्यक्ष।
कॅरियर का ग्राफ: छात्र राजनीति से शुरूआत की। पहले ही प्रयास में विस का टिकट पाया। बड़ा झटका नहीं।
कोर टीम: धर्मेंद्र जाटव, वीरेंद्र चौरे, रविंद्र दरबार, धीरज तिरोले, आशुतोष सिंगला व काली बोरकर छात्र जीवन व पारीवारिक मित्र।
रिकॉर्ड: टंट्या भील अध्ययन केंद्र के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर करीब सौ बच्चों को नौकरी से जोडऩे का दावा।
ठीया: खंडवा में टंट्या भील अध्ययन केंद्र, इंदिरा चौक, पंधाना क्षेत्र में बडि़या खारवा व सिंगोट।
- टिकट तय होने की सूचना मिलते ही राम ने श्रीगणेश को शीश नवाया और दादाजी धाम पहुंचकर परिक्रमा भी की।
Published on:
03 Nov 2018 12:29 pm
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