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MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले कम होने बजाय दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। लोकायुक्त के द्वारा आए दिन भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा जा रहा है। इसी बीच खंडवा जिले में बाल संप्रेषण गृह अधीक्षक 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए हैं।
शिकायतकर्ता रसोईया ज्योति पाल पिछले चार सालों से बाल संप्रेषण गृह में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि उन्हें दो महीने से वेतन नहीं मिला था। जब वेतन के लिए अधीक्षक हरजिंदर सिंह अरोरा से संपर्क किया गया तो उसने दो महीने के वेतन की एवज में दो हजार प्रति महीने के मांगे और पैसे न देने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी। परेशान होकर महिला ने अपनी बेटी को बताया कि मैं रिश्वत देकर परेशान हो चुकी हूं। जिसके बाद बेटी ने इंदौर लोकायुक्त में शिकायत कर दी।
सत्यापन सही पाए जाने पर मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कर लिया। जब अधीक्षक हरजिन्दर सिंह अरोरा को आवेदिका ने 4 हजार रुपए दिए। तुरंत ही लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
Updated on:
12 Aug 2025 07:18 pm
Published on:
12 Aug 2025 07:18 pm
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