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एमपी में यहां पर इधर-उधर नहीं होंगे गांव, सरकार के बचेंगे करोड़ों रुपए

MP News: मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में तै.यार हो रहे अभ्यारण्य में गांवों का विस्थापन नहीं किया जाएगा।

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MP News: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां ओंकारेश्वर अभ्यारण्य बिना किसी खर्च के तैयार ही तैयार हो गया है। इस अभ्यारण्य की खास बात यह है कि इसमें एक भी वन या राजस्व ग्राम शामिल नहीं है। इसके चलते सरकार को न तो विस्थापन करना पड़ा और न ही कोई मुआवजा देना पड़ा। जिससे शासन के करोड़ों रुपए बच गए।

ओंकारेश्वर अभ्यारण्य 61,406.09 हेक्टेयर में बनेगा

ओंकारेश्वर अभ्यारण्य 61,406.09 हेक्टेयर में बनाया जाएगा। इंदिरा सागर डैम बनने के साथ ही ओंकारेश्वर अभ्यारण्य की नींव रख दी गई थी, लेकिन मामला फाइलों में ही दबा रहा। हालांकि, पिछले एक साल में ओंकारेश्वर अभ्यारण्य के कार्य को गति मिली है। अभ्यारण्य को स्वीकृति मिलने के बाद फाइल वित्त विभाग में पहुंची है। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

बता दें कि मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य को चीतों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां बहुत सारे तेंदुए हैं। जिन्हें ओंकारेश्वर अभ्यारण्य में विस्थापित किया जा रहा है। अब तक 24 तेंदुओं का विस्थापन हो चुका है। ओंकारेश्वर अभ्यारण्य में पहले से ही तेंदुओं की अच्छी संख्या है, और नए तेंदुओं के आने से इनकी संख्या करीब 80 तक पहुंच गई है।

ओंकारेश्वर वन्य प्राणी अभ्यारण्य का बड़ा हिस्सा इंदिरा सागर परियोजना से घिरा हुआ है, जिससे वन्यप्राणियों के लिए अधिक सुरक्षित माना जा रहा है। यहां पानी की उपलब्धता भी पर्याप्त है। इसके साथ ही आसपास के ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका में भी बढ़ोतरी होगी।