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जिले के 80 हजार घरों में नहीं बिजली मीटर, 1.11 लाख को थमाया जा रहा औसत बिल

खंडवा. जिले के 48.55 फीसदी यानी 1.11 लाख बिजली उपभोक्ताओं को असल खपत की जगह औसत अनुसार हर माह बिल थमाया जा रहा। इससे इन उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं है कि वे कितनी बिजली जलाते हैं। यह खुलासा मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण (पक्षेविवि) कंपनी के मीटर सर्वे में हुआ। 80 हजार उपभोक्ताओं के घरों में तो मीटर ही नहीं मिला।मप्र राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से 2020 तक प्रदेश के सभी घरों में बिजली मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं। विद्युत वितरण कंपनी ने मीटर लगाने की तैयारी शुरू भी कर दी है। इसके लिए बिजली कंपनी मीटर सर्वे करा रही है। बिजली मीटर के फिजीकल वेरिफिकेशन करने के लिए मीटर सर्वे ऐप भी बनाया है। जिले में पिछले 40 दिन से मीटर रीडर सर्वे कर रहे हैं। अब तक 20,9417 बिजली उपभोक्ताओं का सर्वे पूरा हो चुका है। इसमें 80,299 उपभोक्ताओं के घर बिजली मीटर नहीं मिला है। इनमें 30,714 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके घर मीटर जलने या खराब होने के बाद बदले ही नहीं गए। होने के बाद बदले ही नहीं गए।14,311 उपभोक्ताओं मीटर से कर रहे छेड़छाड़जिले में 14,311 ऐसे उपभोक्ता हैं, जहां मीटर से छेड़छाड़ और गडगड़़ी की जा रही हैं, यानी इन पर बिजली की चोरी कर रीडिंग कम करने का संदेह है। इनमें खंडवा शहर के 2154 उपभोक्ता शामिल है।

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खंडवा

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Riyaz Sagar

Jul 05, 2019

जिले के 80 हजार घरों में नहीं बिजली मीटर, 1.11 लाख को थमाया जा रहा औसत बिल

जिले के 80 हजार घरों में नहीं बिजली मीटर, 1.11 लाख को थमाया जा रहा औसत बिल

शहर में 1012 मीटर बंद
खंडवा शहर संभाग में 52,986 उपभोक्ता है। इसमें से 40,966 का सर्वे पूरा हो चुका है। 36,296 घरों में मीटर सही मिले हैं। शहर के 1012 घरों में मीटर बंद और 1440 बिजली उपभोक्ताओं मीटर भीतर होने से मीटर रीडर सर्वे नहीं कर सके।
रीडरों की एप्रोच से दूर होने से नहीं हुआ सर्वे
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि 3836 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके मीटर रीडरकी एप्रोच में नहीं थे। यानी रीडर जब सर्वे करने गए तो वहां ताला मिला या फिर मीटर रीडर बिजली के मीटर तक पहुंच ही नहीं पाए।
1 जुलाई तक पूरा करना था सर्वे
जिले में 2,02,619 उपभोक्ता हैं, इनका सर्वे1 जुलाई तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक 92 फीसदी ही सर्वे हुआ। 19,202 उपभोक्ता के सर्वे शेष है। मीटर रीडर पर रीडिंग लेने की जिम्मेदारी है। रीडिंग प्राथमिक कार्य है, जिससे अभी तक मीटर सर्वे पूरा नहीं हो पाया।
तीन बिंदुओं पर हो रहा सर्वे
-कितने मीटर लगे है या नहीं।
-मीटर लगे हैं लेकिन खराब हैं या बंद
-मीटर लगे, लेकिन मीटर से कनेक्शन के बजाय सीधे सर्विस लाइन से जोड़ा गया।
फैक्ट फाइल
4 : संभाग
2,28,619 : उपभोक्ता
2,09,417: उपभोक्ता के घर सर्वे
80,267 : मीटर सही पाए गए
80,299 : घरों में मीटर नहीं मिले।
30,714 : मीटर खराब मिले।
14,311 : मीटर में गड़बड़ी और छेड़छाड़ मिली।
3836 : उपभोक्ता के घर बंद मिलने से सर्वे नहीं।
सभी बिजली उपभोक्ता के मीटर का सर्वे करा रहे हैं। सर्वे में 80 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के घर मीटर ही नहीं मिले। उन्हें भार के हिसाब से औसत बिल दिया जाता है। 14 हजार के करीब उपभोक्ता के घर मीटर लगा और चालू भी है, लेकिन सर्विस लाइन से मीटर को जोड़ा नहीं गया। सभी उपभोक्ता के यहां मीटर लगाए लगाएंगे। मीटर लगाने के बाद अधिक रीडिंग, बिल समस्या जैसी दिक्कतें कम होगी।
- आरएस सेमिल, अभियंता, मप्र पक्षेविवि कंपनी खंडवा