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विश्वा संभालेगी सप्लाई, बल्क मीटर से पानी, हर महीने दो सौ रुपए शहर से निगम वसूलेगा

नर्मदा जल योजना... भोपाल में हुई निर्णायक मीटिंग में बड़े निर्णय।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Oct 27, 2018

mp election 2018

narmada jal yojna latest news khandwa madhya pradesh

खंडवा. नर्मदा जल योजना में नगर निगम और विश्वा के बीच चल रहे मतभेद पर शुक्रवार को भोपाल में मंथन हुआ। निर्णायक बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं।
1 नवंबर से शहर की सप्लाई व्यवस्था विश्वा कंपनी के पास होगी। अब तक कंपनी चारखेड़ा से शहर स्थित सर्किट हाउस के संपवेल तक की ही जिम्मेदारी संभालती आई है। विश्वा कंपनी जो पानी देगी उसका हिसाब बल्क मीटर से बनेगा, भुगतान इसी आधार पर होगा। शहर के प्रत्येक वैध कनेक्शनधारी से 200 रुपए प्रति महीने वसूलने की जिम्मेदारी निगम के पास ही होगी। 6 महीने में सक्षमता साबित करने पर विश्वा को सर्टिफिकेट व सिक्योरिटी राशि से भुगतान का आश्वासन भी मिला है। नगरीय प्रशासन आयुक्त गुलशन बामरा, इंजीनियर इन चीफ प्रभाकांत कटारे, सुरेश सेजकर, महापौर सुभाष कोठारी, निगम आयुक्त जेजे जोशी, कार्यपालन यंत्री ईश्वरसिंह चंदेली, इंजीनियर संजय शुक्ला, दिलीप मालवीय, विश्वा कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर श्रीधर रेड्डी, फाइनेंस डायरेक्टर गोवर्धन रेड्डी, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण कुमार, इंचार्ज देवेंद्र सिंह, सुनील कुमार की मौजूदगी में मंथन हुआ।

समझिए...हर मुद्दे पर निकले निष्कर्ष के क्या मायने
1. अब वैकल्पिक व्यवस्था भी विश्वा को ही करना होगी
- 1 नवंबर से विश्वा कंपनी के पास शहर की सप्लाई व्यवस्था होगी। नर्मदा जल की पाइपलाइन फूटने पर सुक्ता, नागचून व ट्यूबवेल से वैकल्पिक व्यवस्था भी कंपनी को बनाना होगी। अब तक ये काम निगम करता था।
2. बल्क से भुगतान तो खर्च की कंपनी की जिम्मेदारी
- चारखेड़ा से आने वाले पानी को विश्वा कंपनी शहर में बने ११ ओवरहेड टैंक में चढ़ाएगी। बल्क मीटर में रिकॉर्ड होगा कि कितना पानी आया। निगम इसका भुगतान करेगा। केमिकल, बिजली बिल व अन्य खर्च विश्वा संभालेगी।
3. वसूली की जिम्मेदारी अब-भी निगम के ही पास
- शहर में वैध कनेक्शनधारियों से फ्लैट रेट के हिसाब से २०० रुपए प्रतिमाह के हिसाब से जल कर की वसूली का काम निगम के पास ही। शुरूआती दौर में निगम का अमला शहरी सप्लाई में विश्वा की मदद कर सकता है।
4. सक्षमता साबित करने पर ही देंगे सिक्योरिटी अमाउंट
- विश्वा की मांग थी कि 5 करोड़ रुपए सिक्योरिटी अमाउंट रिलीज हो, इस पर ये कहा कि 6 महीने तक संचालन करके सक्षमता साबित करो, उस पर भी विचार करेंगे। इस आधार पर ही सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा।

ये भी जानिए...
- 26 अक्टूबर यानी शुक्रवार रात 12 बजे से विश्वा ने पंप बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन फिलहाल एेसा नहीं होगा।
- नई डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का काम अब तक सौ फीसदी पूरा नहीं होने व लीकेज की समस्या के मुद्दे को सुलझाने पर बात।
- निगम का दावा था कि अलग-अलग जलस्रोत से पेयजल सप्लाई पर 1.10 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो रहा था, निगम का दावा अब 90 लाख ही लगेंगे।
- विश्वा को अब तक केमिकल, एलम के अलावा 15 लाख रुपए संचालन-संधारण के निगम देता था, बिजली बिल भी भरता था।

- विश्वा को देंगे हैंडओवर
भोपाल में बैठक में तय हुआ है कि 1 नवंबर से विश्वा को हैंडओवर देंगे। बल्क से पानी लेंगे, जो भी राशि बनेगी, हर महीने भुगतान करेंगे। नई डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछने से लीकेज की समस्या कम हुई है। जहां दरकार वहां सुधार करेंगे।
सुभाष कोठारी, महापौर

- निगम ही वसूलेगा जल कर
शहर के वैध कनेक्शनधारियों से निगम ही 200 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से राशि वसूलेगा। विश्वा की मांग पर सुक्ता, नागचून व ट्यूबवेल भी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए देंगे। बिजली बिल, केमिकल व अन्य खर्च उन्हें वहन करना होगा।
ईश्वरसिंह चंदेली, कार्यपालन यंत्री

- कई मुद्दों पर धीरे-धीरे काम
6 महीने चलाकर दिखाएंगे कि अन्य जलस्रोत के सहारे के बगैर पानी दे सकते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का काम व कनेक्शन पूरे होने तक निगम ही शहर की व्यवस्था देखेगा। पुराने भुगतान व अन्य मुद्दों पर धीरे-धीरे काम होगा।
प्रवीण कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, विश्वा

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