
National Tea Day : khandwa Madhya pradesh Tea Consumption
खंडवा. निमाड़ में भी चाय के शौकिनों की कमी नहीं है। यहां अतिथियों के सत्कार से लेकर काम की थकान मिटाने और आपसी चर्चा के लिए शहरवासी गरमागरम कडक़ निमाड़ी चाय की चुस्कियों का सहारा लेते है। अंग्रेजों ने ही भारतीयों को चाय की लत लगवाई और अब इंग्लैंड ही 21 अप्रैल के दिन को राष्ट्रीय चाय दिवस के रूप में मनाता है। खंडवा में जब यह आंकड़ा जुटाया तो सामने आया कि रोज शहर की विभिन्न चाय दुकानों पर भट्टी पर उबलते दूध और शक्कर में ५० हजार रु. की पत्ती से निमाड़ी चाय में रंग और स्वाद आता है। ये सिर्फ एक चाय की प्याली नहीं बल्कि लोगों के एक टॉनिक है जो स्फूर्ति, ताजगी भर देता है।
ये दुकानें जहां लगी रही है भीड़
यूं तो शहर में चाय की जगह-जगह दुकानें और ठेले मिल जाएंगे, लेकिन कुछ ऐसी दुकानें भी है जिन पर सुबह से शाम तक चाय के शौकिनों की भीड़ लगी रहती है। स्टेशन स्थित एक चाय दुकान संचालक ने बताया, चाय के लिए स्पेशल पत्ती का उपयोग करते हैं। स्पेशल पत्ती से चाय का रंग और स्वाद अलग रहता है। इसलिए लोग यहां चाय पीने आते हैं। इसके अलावा शहर के यादव टी स्टॅाल, गोमा टी स्टॅाल, गिदवानी मार्केट स्थित टी स्टॅाल, गोकु ल स्टॉल पर सुबह से देररात तक चाय पीने वालों की भीड़ लगी रहती है। अलसुबह से देररात तक चाय की इन दुकानों की भट्टी पर चाय उबाल मारती रहती है।
बातचीत का माध्यम है चाय की प्याली
बॉम्बे बाजार पर स्थित चाय दुकान पर चाय पी रहे फरहान ने बताया, दिनभर काम करने के बाद दोस्तों से बात करने का समय ही नहीं मिलता है, इसलिए रोज रात को चाय की दुकान पर एक साथ बैठकर बात करते हैं। चाय हमारे सिर्फ मिलने का एक माध्यम है। ७० वर्षीय बुजुर्ग ने बताया, सुबह उठते ही एक कडक़ गरमागरम चाय की प्याली मिल जाए तो तरोताजगी आ जाती है। पिछले ३० साल से स्टेशन स्थित दुकान पर अपने दोस्तों के साथ चाय पीने आ रहे है। यहां दोस्तों के साथ सुख-दुख की बातों के साथ शहर और देश-विदेश के मुद्दों पर चर्चा हो जाती है।
चायपत्ती का गणित
300 किलो चायपत्ती बिकती हैं प्रतिदिन
9000 किलो प्रतिमाह लगती है चायपत्ती
108 टन चायपत्ती सालाना
01 चाय में 2 ग्राम पत्ती लगती है
शहर में प्रतिदिन लगभग 1,50000 लोग पीते हैं चाय
खंडवा में चाय पीने के शौकीन काफी है। मुख्य बाजार, स्टेशन, बस स्टैंड और सरकारी कार्यालय के बाहर बनी दुकानों पर प्रतिदिन सुबह से रात तक लगभग 2 से 3 हजार कट चाय बिक जाती है। चाय बनाने के लिए स्पेशल चाय पत्ती उपयोग में ली जाती है। इससे रंग और स्वाद अलग रहता है।
नवीन शंकरलाल कोठवानी, गोकुल टी स्टॉल संचालक
निमाड़ में चाय पीने-पिलाने के लोग काफी शौकीन है। इसलिए यहां चाय की पत्ती की डिमांड काफी है। चाय की दुकानों और स्थानीय लोग रोज करीब 300 किलो चाय पत्ती की बिक्री होती है। लोकल चाय के अलावा ब्रांड चाय पत्ती की बिक्री भी काफी होती है। कुछ लोग आर्डर पर आसाम की स्पेशल पत्ती भी मंगवाते हैं।
कृष्णदास पटेल, व्यापारी चायपत्ती
Published on:
21 Apr 2019 06:51 pm
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