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आज बस स्टैंड जाने से पहले पता कर लें, बस हड़ताल तो नहीं है

नए बस स्टैंड पर बसें जाने पर प्रशासन और बस आपरेटर आमने-सामने

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खंडवा

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Rahul Singh

Jun 25, 2018

New bus stand in khandwa

New bus stand in khandwa

खंडवा. नए बस स्टैंड से ही इंदौर, खरगोन, बड़वानी रूट की बसों के संचालन के लिए रविवार को प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया और एआरटीओ जगदीश बिल्लौरे ने बसों को पुराने बस स्टैंड नहीं पहुंचने दिया। जिसके बाद शाम को निमाड़ परिक्षेत्रीय चालक, परिचालक कल्याण समिति ने बैठक कर दोनों बस स्टैंड से ही बसों के संचालन का निर्णय लिया। समिति ने इस निर्णय पर प्रशासन द्वारा अमल नहीं कराने पर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात भी कही।
वहीं, नए बस स्टैंड से ही बसों का संचालन हो इसके लिए पदमकुंड वार्ड पार्षद शारदा आव्हाड़ भी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठीं है। 26 जून को सड़क सुरक्षा यातायात समिति की बैठक में नए बस स्टैंड के लिए निर्णय होना है। अब बस परिचालकों के मोर्चा खोलने से प्रशासन के सामने स्थिति विकट हो सकती है।
नए बस स्टैंड से इंदौर, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर की रूटों की बसों का रविवार से संचालन सुचारू रूप से होना था। रविवार सुबह स्थिति पूर्व की तरह ही कुछ बसें यहां आई और बिना रुके ही चली गई। वहीं, कई बसें बस स्टैंड तक गई ही नहीं और सीधे निकल गई। दोपहर 12 बजे तक यहीं स्थिति रही। इसकी जानकारी मिलने पर एआरटीओ और पदमनगर थाना टीआई बस स्टैंड पहुंचे और बसों को यहां रुकवाया। इंदौर, खरगोन, से आने वाली बसों को नए बस स्टैंड पर ही खड़ा करा लिया गया। वहीं, जाने वाली बसों को भी यहां रुकवाकर समझाइश दी कि कल से बसें यहां से ही चलेगी।


नए बस स्टैंड को लेकर प्रभारी मंत्री पारस जैन के निर्देशों को भी अनदेखा किया जा रहा था। पत्रिका द्वारा नए बस स्टैंड को शुरू करने की मुहिम में लगातार इस बात को उल्लेखित किया जा रहा था। वहीं, पदमकुंड वार्ड पार्षद और क्षेत्रवासी भी नए बस स्टैंड शुरू कराने के लिए धरने पर बैठे हुए है। शुक्रवार को एआरटीओ जगदीश बिल्लौरे ने नया बस स्टैंड पहुंचकर धरने पर बैठे लोगों को आश्वस्त किया था कि शनिवार से बसों का संचालन शुरू करेंगे, लेकिन बसें पुराने बस स्टैंड जाएगी। जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने इसे मानने से इंकार कर दिया था।


क्षेत्रवासियों का कहना था कि जब पुराने बस स्टैंड तक बस जाएगी तो यहां कौन सी सवारी मिलेगी। रविवार को हुआ भी यही, सुबह से कोई सवारी यहां नहीं आई और बस स्टैंड पर बच्चे क्रिकेट खेलते रहे।


नए बस स्टैंड पर चार घंटे खड़े रहे एआरटीओ, टीआई
दोपहर 12 बजे पहुंच एआरटीओ जगदीश बिल्लौरे, टीआई एसएस बघेल ने चार घंटे खड़े रहकर बसों का संचालन कराया। बस चालको द्वारा आपत्ति ली गई कि यहां बसें खड़ी करवा ली है, कोई सवारी ही नहीं है। एआरटीओ का कहना था पहले ही बता दिया था कि रविवार से बसें यहीं से चलेगी। एक दो दिन परेशानी होगी, फिर रूटिन में आ जाएगा। आदेश है सभी को पालन करना पड़ेगा। बसें रुकने से सवारियों को नए बस स्टैंड से गंतव्य तक जाने के लिए ऑटो भी लगवा दिए गए। ऑटो चालकों ने नए स्टैंड से पुराने स्टैंड तक 10 रुपए सवारी में लोगों को छोड़ा।


नहीं कर पाया नगर निगम व्यवस्था
नगर निगम को पहले से ही पता था कि रविवार से बसें नए बस स्टैंड से ही चलेगी। इसके बाद भी यहां कोई व्यवस्था नहीं की। एआरटीओ यहां पहुंचे तो एनाउंस के लिए माइक भी नहीं था। क्षेत्रवासियों ने तत्परता दिखाते हुए यहां माइक लगवाया। वहीं, क्षेत्रवासियों ने यात्रियों के लिए तीर रांझन रखवा कर पीने के पानी की व्यवस्था की। टिकट खिड़की कक्ष में भी बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। एआरटीओ का कहना था कि सारी व्यवस्थाओं का जिम्मा नगर निगम का है। उन्होंने निगम के सब इंजीनियर को बुलवाया और बसों के खड़े रहने के स्थान चिह्नित करवाएं। साथ ही बायपास रोड पर डिवाइडर तोड़कर रास्ता बनाने के लिए भी कहा।